किताबों से बाहर भी मिलती है सीख, बच्चों को दिखाएं भारत की ये 7 ऐतिहासिक जगहें

बच्चों को दिखाएं भारत की ये 7 ऐतिहासिक जगहें, जहां घूमते हुए इतिहास, विज्ञान और कला को करीब से समझ सकेंगे। लाल किले से अजंता तक - जानें क्या और क्यों है खास।

Authored by: Medha ChawlaUpdated Oct 5 2026, 13:19 IST
घूमते हुए समझो इतिहास Image Credit : Canva01 / 08

घूमते हुए समझो इतिहास

बच्चों को इतिहास से जोड़ने का एक अच्छा तरीका है कि आप उनको ऐसी जगहों पर लेकर जाएं जहां वे चीजों को देखकर खुद उनसे जुड़ाव महसूस कर सकें। यहां कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बता रहे हैं। यहां का ट्रिप उनको घूमने के साथ जानकारी जुटाने का मौका भी देगा।

लाल किला, दिल्लीImage Credit : Canva02 / 08

लाल किला, दिल्ली

लाल किले को बच्चे अक्सर स्वतंत्रता दिवस पर टीवी में देखते हैं। कभी उन्हें यहां ले जाकर इसकी ऊंची दीवारें, विशाल दरवाजे और पुराने दरबार दिखाएं। बताएं कि मुगल बादशाह शाहजहां ने इसे बनवाया था। फिर पूछें कि जिस जगह कभी शाही दरबार लगता था, वहां आज स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा क्यों फहराया जाता है? यहीं से इतिहास और आजादी पर बातचीत शुरू हो सकती है।

ताजमहल, आगराImage Credit : Canva03 / 08

ताजमहल, आगरा

ताजमहल के सामने पहुंचकर सिर्फ फोटो खिंचवाने की जल्दी न करें। बच्चों से कहें कि इमारत के दोनों हिस्सों को ध्यान से देखें। क्या दोनों ओर एक जैसी बनावट नजर आती है? उनको इसके डिजाइन का बेसिक बताएं। संगमरमर पर बनी फूल-पत्तियों की जड़ाई दिखाकर उन कारीगरों के हुनर की बात भी करें, जिन्होंने इसे आकार दिया।

जंतर-मंतर, जयपुरImage Credit : Canva04 / 08

जंतर-मंतर, जयपुर

घड़ी और मोबाइल के बिना समय कैसे पता चलता होगा? जयपुर का जंतर-मंतर बच्चों के इसी सवाल का दिलचस्प जवाब है। यहां के बड़े खगोलीय यंत्र सूर्य की छाया और आकाशीय पिंडों की स्थिति के अध्ययन के लिए बनाए गए थे। बच्चों को छाया देखने दें। विज्ञान की किताब में पढ़ी बातें यहां आंखों के सामने नजर आएंगी।

सांची स्तूप, मध्य प्रदेशImage Credit : Canva05 / 08

सांची स्तूप, मध्य प्रदेश

सांची में बच्चों का ध्यान स्तूप के साथ उसके खूबसूरत तोरण द्वारों की ओर भी दिलाएं। इन पर उकेरे गए दृश्य बौद्ध परंपरा और जातक कथाओं से जुड़े हैं। उन्हें कोई आकृति चुनने दें और पूछें कि उसमें क्या दिखाई दे रहा है। यह समझाने का अच्छा मौका है कि कैसे उस समय के लोग चित्रों और नक्काशी के जरिए भी कहानियां सुनाते थे।

नालंदा, बिहारImage Credit : Canva06 / 08

नालंदा, बिहार

नालंदा के प्राचीन महाविहार के अवशेष देखकर बच्चों से पूछें कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का दिन कैसा होता होगा? कभी यह शिक्षा का बड़ा केंद्र था, जहां दूर-दूर से लोग अध्ययन के लिए आते थे। पुराने अध्ययन स्थलों और रहने की जगहों को देखकर बच्चे समझ सकेंगे कि सीखने और ज्ञान बांटने की परंपरा कितनी पुरानी है।

धोलावीरा, गुजरातImage Credit : Canva07 / 08

धोलावीरा, गुजरात

हड़प्पा सभ्यता का धोलावीरा बच्चों को हजारों साल पहले भी प्लानिंग की अहमियत बताता है। यह दिखाता है कि कैसे उस समय भी शहर सोच-समझकर बसाए जाते थे। यहां जलाशयों और पानी सहेजने की व्यवस्था के अवशेष खास ध्यान खींचते हैं। बच्चों से पूछें कि कम बारिश वाली जगह पर पानी बचाने के लिए तुम क्या करते? पुराने शहर को देखते हुए आज की जरूरतों पर भी बात हो जाएगी।

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्रImage Credit : Canva08 / 08

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र

अजंता की गुफाओं में बनी चित्रकारी और मूर्तियां बच्चों के लिए इतिहास को करीब से देखने का मौका हैं। कई चित्र बौद्ध कथाओं से जुड़े हैं। उनसे कहें कि किसी एक चित्र में लोगों के कपड़े, चेहरे और भाव ध्यान से देखें। फिर पूछें कि यह दृश्य कौन-सी कहानी सुना रहा होगा?

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