कुछ साल पहले तक अधिकांश टेलीकॉम कंपनियां बिना रिचार्ज के भी इनकमिंग कॉल की सुविधा देती थीं, लेकिन अब लगभग सभी कंपनियों ने नियम बदल दिए हैं। मौजूदा समय में सिम को एक्टिव रखने के लिए वैध रिचार्ज प्लान जरूरी हो गया है। रिचार्ज खत्म होने के बाद कंपनियां लगातार कॉल और SMS के जरिए ग्राहकों को प्लान रिन्यू कराने की जानकारी भेजती रहती हैं।
टेलीकॉम सेवाओं को लेकर Telecom Regulatory Authority of India यानी TRAI ने स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं। इनके अनुसार, यदि कोई यूजर लंबे समय तक रिचार्ज नहीं कराता, तो उसकी सेवाएं एक तय प्रक्रिया के तहत बंद की जाती हैं। सबसे पहले आउटगोइंग सेवाओं पर असर पड़ता है और बाद में इनकमिंग सेवाएं भी बंद कर दी जाती हैं।
रिचार्ज प्लान की वैधता खत्म होने के बाद कई कंपनियां तुरंत आउटगोइंग कॉल और SMS सुविधा बंद कर देती हैं। कुछ मामलों में यह प्रक्रिया 10 से 15 दिनों के भीतर पूरी होती है। हालांकि इस दौरान यूजर को कुछ समय तक इनकमिंग कॉल और मैसेज मिलते रहते हैं, ताकि वह दोबारा रिचार्ज करा सके।
यदि यूजर लंबे समय तक रिचार्ज नहीं कराता, तो कंपनी इनकमिंग कॉल और SMS सेवाएं भी बंद कर देती है। इसके बाद सिम कार्ड केवल तकनीकी रूप से एक्टिव दिखता है, लेकिन उस पर किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती।
अधिकांश टेलीकॉम कंपनियां करीब 60 से 90 दिनों तक रिचार्ज नहीं होने पर सिम कार्ड को पूरी तरह डी-एक्टिवेट कर देती हैं। इसका मतलब है कि नंबर नेटवर्क से हटा दिया जाता है और उस पर कोई भी सेवा काम नहीं करती।
अगर नंबर लंबे समय तक बंद पड़ा रहता है, तो टेलीकॉम कंपनी उसे दोबारा नए ग्राहकों को जारी कर सकती है। यानी आपका पुराना मोबाइल नंबर किसी दूसरे यूजर को अलॉट किया जा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि अपने महत्वपूर्ण नंबर को चालू रखने के लिए समय-समय पर रिचार्ज जरूर कराते रहें।