भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता में खेले जा रहे सीरीज के पहले टेस्ट मैच का आगाज ही एक बेमिसाल रिकॉर्ड के साथ हुआ है। भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल ने एक दिलचस्प रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीमें दो मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट मैच में उतरीं तो एक बार फिर भारतीय कप्तान शुभमन गिल टॉस हार गए। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
शुभमन गिल लगातार फिर से टॉस हारे तो उन्होंने कहा- उम्मीद है कि मैं सिर्फ WTC फ़ाइनल में ही टॉस जीत पाऊंगा। पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार लग रही है। ड्रेसिंग रूम कमाल का है, यह टेस्ट टीम ज़बरदस्त है। ये दोनों घरेलू सीरीज़ बहुत अहम हैं। पहले एक-दो दिन पिच अच्छी रहेगी।
भारतीय टीम प्रबंधन ने इस मैच के लिए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने भारत की प्लेइंग-11 में सभी को चौंकाते हुए एक या दो नहीं, बल्कि 4 स्पिनर्स को उतार दिया। ये स्पिनर्स हैं कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर।
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज।
टीम इंडिया के 23 वर्षीय ओपनर यशस्वी जायसवाल ने कोलकाता टेस्ट मैच में मैदान पर उतरते ही एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है जो वाकई शानदार है। उन्होंने अपने करियर के पहले टेस्ट मैच से लेकिर कोलकाता में खेले जा रहे उनके करियर के 27वें टेस्ट मैच तक, सभी मुकाबले अलग-अलग मैदानों पर खेले हैं। करियर के शुरुआती 27 टेस्ट मैच, और सब अलग-अलग वेन्यू पर। इस मामले में वो दुनिया के सक्रिय खिलाड़ियों में नंबर.1 खिलाड़ी बन गए हैं जिससे ये एक ताजा विश्व रिकॉर्ड बन चुका है।
यशस्वी जायसवाल अगर कोलकाता टेस्ट मैच की पहली पारी में 7 छक्के लगाने में सफल हो जाते हैं तो वो सबसे तेज 50 टेस्ट छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। वो इस मामले में भारत के रोहित शर्मा को पीछे छोड़ देंगे।
अगर ऑल-टाइम खिलाड़ियों की लिस्ट की बात करें तो उसमें दो ही खिलाड़ी इस मामले में यशस्वी जायसवाल से ऊपर हैं, लेकिन वे एक्टिव खिलाड़ी नहीं हैं। सबसे ऊपर हैं भारत के संजय मांजरेकर जिन्होंने डेब्यू से लेकर लगातार 33 टेस्ट मैच अलग-अलग मैदानों पर खेले। जबकि दूसरे नंबर पर हैं महान सचिन तेंदुलकर जिन्होंने डेब्यू से लेकर 32 टेस्ट मैच अलग-अलग मैदानों पर खेले। टॉप-5 की बात करें तो चौथे व पांचवें नंबर पर संयुक्त रूप से जवागल श्रीनाथ (24 मैच) और वेस्टइंडीज के दिनेश रामदीन (24 मैच) के नाम दर्ज हैं।