टी20 वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड टीम ने श्रीलंका का दौरा किया था। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गली में सैम करन की एक गेंद ने सनसनी पैदा कर दी। पहले वनडे मैच मैच में पथुम निसांका सैम करन की बहुत धीमी गेंद का सबसे नया शिकार बने। जब उन्होंने करन की डिलीवरी की स्पीड और फ्लाइट का गलत अंदाजा लगाया और गेंद सीधे लियाम डॉसन के हाथों में चली गई।
तब पहली बार सैम करन की इस डिलीवरी को मून बॉल की संज्ञा दी गई। सैम करन द हंड्रेड और T20 ब्लास्ट में हैरान करने वाली इस डिलीवरी का खूब अभ्यास किया। गेंदबाजी में वेरिएशन का इस्तेमाल करने के लिए सैम करन ने इसकी खोज की। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज करन अपने एक्शन और रिलीज पॉइंट में बस थोड़ा सा बदलाव करके अपनी पेस 83mph से घटाकर सिर्फ 43mph कर देते हैं। जिससे बल्लेबाज गच्चा खा जाता है।
मून बॉल एक बहुत धीमी, लूपी डिलीवरी होती है जो बैटर को धोखा देने और उनकी टाइमिंग में रुकावट डालने के लिए अपनी फ्लाइट और पेस की कमी पर निर्भर करती है। यह धीमी गति की उछाल भरी गेंद होती है। जैसे चंद्रमा की सतह पर कोई चीज उछल रही हो। गेंद स्लो तो रहती है लेकिन जमीन पर टप्पा खाने के बाद गेंद को गजब का एलिवेशन मिलता है और उछाल से बल्लेबाज परेशान हो जाते हैं। इंग्लैंड और लीसेस्टरशायर के पूर्व ऑफ-स्पिनर जेरेमी स्नेप जैसे स्पिनरों ने इस डिलीवरी का खूब यूज किया। हालांकि, अब तेज और मीडियम-फास्ट बॉलरों के लिए यह कारगर ऑप्शन बनती जा रही है।
T20 लीग के बढ़ने और बैट्समैन के ज्यादा आक्रामक होकर खेलने से गेंदबाजों को अपनी गेंदबाजी में नए वेरिएशन लाने पड़ रहे हैं। इसके तहत उन्हें नई टेक्नीक और असरदार स्लोअर बॉल डेवलप करनी पड़ रही है। इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन, जिन्होंने 2005 एशेज में माइकल क्लार्क को 65mph की स्लो यॉर्कर से हैरान कर दिया था।
सैम करन जब मून बॉल का इस्तेमाल करते हैं तो उनका रिलीज पॉइंट ( उनके ऑफ कटर ) से बहुत पीछे होता है। वह बैटर को अपने मूवमेंट और बॉडी शेप से धोखा देते हैं। वह बॉल को अपनी पहली अंगुली और अंगूठे के बीच पकड़ते हैं। बॉल को हवा में फेंकते हैं और हाथ की स्पीड वही रखने की कोशिश करते हैं जो नॉर्मल बॉल में यूज करते हैं, लेकिन उसके पीछे अंगुली की मदद से गेंद की स्पीड को बहुत कम कर देते हैं।
इसके चलते बल्लेबाज धोखा खा जाता है। जिस डिलीवरी ने निसांका को बेवकूफ बनाया और विकेट खोने को मजूबर किया। वह डिलीवरी मैच के दौरान स्पिनर रेहान अहमद की पारी की पिछली सभी छह गेंदों से धीमी थी। सैम करन की बॉल इतनी धीमी थी कि निसांका को शॉट खेलने और बॉल को समझने में टाइम लग गया।
सैम करन ने BBC के फॉर द लव ऑफ क्रिकेट पॉडकास्ट पर अपने पुराने टीम-मेट स्टुअर्ट ब्रॉड से बात करते हुए कहा, आपको क्रिएटिव होना होगा, खिलाड़ी बहुत तेजी से डेवलप हो रहे हैं। मैंने हाथ की स्पीड को एक जैसा रखने की बहुत कोशिश की है और फिर मैं सही लेंथ पर गेंद को लैंड करने में बेहतर हो गया हूं। यह हिट तो होती है, लेकिन मुझे लगता है कि अगर कोई बैटर जानता है कि मैं कुछ थोड़ा यूनिक कर सकता हूं, जैसे जब आप किसी मिस्ट्री स्पिनर का सामना करते हैं, तो उन्हें थोड़ा और शक हो सकता है।