सुपर-6 में श्रीलंका और साउथ अफ्रीका का सामना हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने जोरिक वैन शाल्कविक के शानदार शतक की बदौलत 7 विकेट के नुकसान पर 261 रन बनाए। श्रीलंका को सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए 262 रन बनाने का लक्ष्य मिला।
टारगेट का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही थी। दिमंथा महाविथाना मात्र 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वीरन और सेनुजा ने कमान संभाली। वीरन आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे, वहीं वेकुनागोडा ने उनका बखूबी साथ दिया और दोनों ने श्रीलंका को रन रेट में बढ़त बनाए रखने में मदद की।
वेकुनागोडा अपने अर्धशतक से दो रन पीछे रह गए, लेकिन वीरन ने टूर्नामेंट का अपना दूसरा शतक पूरा किया। इस शतक के साथ ही वीरन ने इतिहास रच दिया। वह इस संस्करण में एक से ज्यादा शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले वीरन ने 192 रन की पारी खेली थी।
वीरन अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक शतक बनाने वाले संयुक्त चौथे खिलाड़ी बने। उन्होंने हमवतन बोयागोडा की बराबरी कर ली है। वीरन और बोयागोडा ने दो-दो शतक जड़े हैं। इस लिस्ट में बर्नहैम तीन शतक के साथ टॉप पर हैं। भारत के शिखर धवन और अरीफुल इस्लाम तीन-तीन शतक के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।
मैच में दोनों को कॉर्ने बोथा ने आउट किया। साउथ अफ्रीका ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन वे हार को टाल नहीं सके। माइकल और कॉर्ने बोथा ने दो-दो विकेट चटकाए। हालांकि, चमिका और डुलनिथ ने नाबाद रहते हुए श्रीलंका जीत दिला दी।
इससे पहले दिन में साउथ अफ्रीका ने अपने सलामी बल्लेबाज जोरिक वैन शाल्कविक के शतक के साथ ठोस शुरुआत की। स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन रेट पर ब्रेक लगा दिया, जिसमें विग्नेशवरन आकाश ने चार विकेट लिए। 261 का स्कोर प्रतिस्पर्धी लग रहा था, लेकिन वीरन-सेनूजा की साझेदारी की बदौलत श्रीलंकाई टीम ने लक्ष्य को काफी आसानी से हासिल कर लिया।