आईपीएल के 19वें सीजन के लिए होने वाली खिलाड़ियों की नीलामी अब कुछ ही दिन दूर है। इस बार खिलाड़ियों की नीलामी में मामला बहुत पेचीदा और दबाव वाला रहने वाला है क्योंकि टीमों को अपने खेमें खाली स्थान भरने के लिए एक बड़ी लिस्ट में कुछ ही खिलाड़ियों को खरीदने का चयन करना है। इनमें से सबसे ज्यादा मांग उन बड़े खिलाड़ियों की रहेगी जिन्होंने 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले वर्ग में खुद को रजिस्टर कराया है। इस वर्ग में सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं।
आईपीएल 2026 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी का आयोजन अबु धाबी के एतिहाद एरीना में 16 दिसंबर को होगा। इस बार मिनी ऑक्शन होगा। सभी 10 टीमों को अपने-अपने 25 खिलाड़ियों का खेमा पूरा करने का मौका मिलेगा।
इस बार आईपीएल 2026 की नीलामी के लिए 1355 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है। इसमें 1062 भारतीय खिलाड़ियों ने अपना नाम पंजिकृत कराया है, जबकि 293 विदेशी खिलाड़ियों का नाम शामिल है।
इस बार आईपीएल में कुछ बड़े खिलाड़ियों की कमी खलने वाली है क्योंकि आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले ही इन खिलाड़ियों ने या तो नीलामी में अपना नाम रजिस्टर नहीं कराया, या फिर आईपीएल से संन्यास का ऐलान कर दिया। इसमें प्रमुख नाम ग्लेन मैक्सवेल, फाफ डु प्लेसिस, आंद्रे रसेल और मोइन अली के हैं।
आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे बेस प्राइस वाले 2 करोड़ रुपये के वर्ग में इस बार 45 खिलाड़ियों का नाम रजिस्टर हुआ है। इस वर्ग में शामिल खिलाड़ियों की बोली दो करोड़ रुपये से शुरू होगी और इसी वर्ग में सबसे बड़े नाम देखने को मिलेंगे।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लिए आयोजित होने वाली नीलामी के सबसे महंगे वर्ग जिसमें हर खिलाड़ी का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये है, उसमें हैरान करने वाली बात ये है कि सिर्फ 2 भारतीय नाम शामिल है।
इन दो भारतीय खिलाड़ियों के नाम हैं वेंकटेश अय्यर और रवि बिश्नोई। आईपीएल 2025 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल करते हुए वेंकटेश अय्यर को एक बार फिर अपनी टीम में शामिल किया था और वो भी 23.75 करोड़ रुपये की बड़ी रकम के साथ। लेकिन इस बार नीलामी से पहले ही केकेआर ने वेंकटेश अय्यर को अपनी टीम से अलग कर दिया। वहीं, स्पिनर रवि बिश्नोई को 2025 आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स टीम ने 11 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन इस बार उनको रिलीज कर दिया गया है।
IPL 2026 के ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये की कैटेगरी में 43 विदेशी खिलाड़ियों का नाम रजिस्टर किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 9-9 खिलाड़ी इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से हैं। वहीं दूसरे नंबर पर हैं ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जिनके 7-7 खिलाड़ी इस वर्ग में रजिस्टर हुए हैं।