मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में बांग्लादेश के खिलाफ 5 विकेट से मिली जीत में बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचरणी ने इतिहास रच दिया। 21 साल की इस गेंदबाज ने आखिरी ओवर में शोर्ना अख्तर और नाहिदा अख्तर के विकेट झटके। दो विकेट के साथ उन्होंने विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 12 विकेट पूरे किए।
श्री चरणी अब टी20 वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली पहली भारतीय और एशियाई गेंदबाज बन गई हैं। उन्होंने 2020 में पूनम यादव के 10 विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ा। चरणी एशिया की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक एडिशन में 10 से ज्यादा विकेट लिए हैं।
श्री चरणी ने टूर्नामेंट में अब तक जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने तीन-तीन विकेट लिए थे। बांग्लादेश के खिलाफ दो विकेट के साथ उन्होंने लगातार चौथे मैच में 2+ विकेट लेने का कारनामा किया। यह भी एशियाई गेंदबाजों में एक रिकॉर्ड है।
श्री चरणी 2026 के वर्ल्ड कप में 12 विकेट लेकर टॉप पर है। पूनम यादव ने 2020 में 10 विकेट और डायना डेविड ने 2010 में 9 विकेट लिए थे। वहीं पूनम यादव 2014, 2018 में 8-8 और राधा यादव 2018 में 8 विकेट ले चुकी हैं।
श्री चरणी ने भारत के लीग चरण के चारों मुकाबलों में दो या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले कोई भी एशियाई गेंदबाज एक एडिशन में इतनी बार यह कारनामा नहीं कर पाया है। पूनम यादव, राधा यादव और रेणुका ठाकुर ने अधिकतम तीन मैचों में ऐसा किया था। पाकिस्तान की फातिमा सना भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो श्री चरणी का 12 विकेट टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक सीजन का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की मेगन शट हैं, जिन्होंने 2020 में 13 विकेट लिए थे। श्री चरणी के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है।
श्री चरणी ने इस वर्ल्ड कप में अब तक तीन बार 3 विकेट हॉल लिया है। यह भी एक एडिशन में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। उनकी इकॉनमी 5.80 की रही है और औसत 8.33 का है। पावरप्ले के बाद मिडिल ओवर्स में विकेट निकालना उनकी सबसे बड़ी ताकत नजर आ रही है।
यह श्री चरणी का पहला टी20 वर्ल्ड कप है। इससे पहले 2025 में उन्होंने अपने पहले सीनियर आईसीसी टूर्नामेंट विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 मैचों में 14 विकेट लेकर चौथा स्थान हासिल किया था।