ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट खेलने वाले सबसे पुराने देशों में से एक है। उनके खिलाड़ियों को ऐतिहासिक सफलताएं मिली हैं, इसके पीछे एक बड़ी वजह है उनका घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट शेफील्ड शील्ड, जिस टूर्नामेंट ने कई महान खिलाड़ी दिए। अब इसी टूर्नामेंट में एक भारतीय निखिल चौधरी ने शतकीय पारी खेलकर नया रिकॉर्ड बना दिया है।
घरेलू क्रिकेट में प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट वो नींव होती है जहां से क्रिकेटर बड़ा बनने की ओर अपना पहला कदम बढ़ाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट का नाम शेफील्ड शील्ड है। ये टूर्नामेंट 1892 में शुरू हुआ था। तब से अब तक ऑस्ट्रेलिया के तमाम राज्यों की टीमें इस टूर्नामेंट में अपना दम दिखाती आई हैं और हजारों विश्व स्तरीय क्रिकेटर दिए हैं।
इस समय शेफील्ड शील्ड का 2024-25 संस्करण चल रहा है और इसमें ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज क्रिकेटर अपनी प्रतिभा दिखाते नजर आ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड एशेज सीरीज के बीच भी यहां दिग्गज क्रिकेटरों की भिड़ंत जारी है और यहीं से आने वाले एशेज टेस्ट मैचों में खिलाड़ियों की एंट्री होती रहेगी।
शेफील्ड शील्ड में इस बार के 14वें मैच में सिडनी के मैदान पर न्यू साउथ वेल्स और तस्मानिया क्रिकेट टीम आमने-सामने हैं। इस मुकाबले में तस्मानिया की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन उसके बाद इस मुकाबले में कमाल पर कमाल होता चल गया।
पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी न्यू साउथ वेल्स की टीम ने 100.4 ओवर में 9 विकेट खोकर 391 रन बनाए और पारी घोषित कर दी। लेकिन ये फैसला उन पर भारी साबित हुआ क्योंकि जवाब में तस्मानिया की टीम ने भी 8 विकेट पर 623 रनों का विशाल स्कोर बनाकर पारी घोषित की।
जब तस्मानिया की पारी शुरू हुई तो ओपनर कैलेब ज्वेल ने 102 रन और तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए टिम वार्ड ने 119 रनों की पारियां खेलीं। इस बीच ब्रैडली होप ने भी 91 रन बनाए, लेकिन पांचवें नंबर पर बैटिंग करने आए दिल्ली में जन्मे निखिल चौधरी ने ऐसी पारी खेली कि सब देखते रह गए। निखिल ने 184 गेंदों में 163 रनों की पारी खेली जिस दौरान उन्होंने 5 छक्के और 9 चौके लगाए।
आमतौर पर शेफील्ड शील्ड में ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर ही खेलते हैं लेकिन इतिहास में चुनिंदा मौके ही ऐसे हुए हैं जब किसी अन्य देश का क्रिकेटर यहां खेला हो और उसने इतिहास भी रच दिया हो। निखिल ने वो कर दिखाया है। वो 21वीं सदी में ऑस्ट्रेलिया की शेफील्ड शील्ड चैंपियनशिप में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
निखिल चौधरी का जन्म 4 मई 1996 को दिल्ली में हुआ था। कुछ समय बाद वो पंजाब शिफ्ट हो गए थे। बाद में उन्होंने पंजाब की सभी जूनियर टीमों के लिए क्रिकेट खेला और फिर घरेलू क्रिकेट में पंजाब की सीनियर क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व भी किया। वो एक ऑलराउंडर हैं जो शानदार स्पिन गेंदबाजी के साथ आक्रामक बल्लेबाजी करने में माहिर हैं। भारत में उनके करियर को तब धक्का लगा जब हरभजन सिंह और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों से ट्रेनिंग लेने के बावजूद उनको आईपीएल में किसी ने नहीं खरीदा। जब वो ऑस्ट्रेलिया घूमने गए थे तब कोविड-19 महामारी के कारण वो वहीं अटक गए थे। उस दौरान उन्होंने वहां क्लब क्रिकेट खेला और तभी एक स्थानीय कोच ने उनकी प्रतिभा देखकर उन्हें बिग बैश लीग (BBL) टीम होबार्ट हरीकेन्स में शामिल करा दिया।
ऑस्ट्रेलिया में जब वो क्लब क्रिकेट खेल रहे थे तब खर्च निकालने के लिए निखिल ने एक मेक्सिकन रेस्टोरेंट में काम भी किया और उसके बाद काफी समय तक एक कूरियर कंपनी में भी काम किया। साल 2023 में ब्रिस्बेन में ग्रेड क्रिकेट खेलने के बाद वो 2023-24 के बिग बैश लीग में होबार्ट हरीकेन्स टीम से खेले और खूब धमाल मचाया। फिर उनके रास्ते शेफील्ड शील्ड के लिए खुल गए और इस क्रिकेटर ने अब शेफील्ड शील्ड में इतिहास रच दिया है। अब उनके पास ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता भी है और वो वहीं रहते हैं।