ऑस्ट्रेलिया ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स में खेले गए ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को 7 विकेट और 17 गेंद बाकी रहते हराया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने फिर साबित कर दिया है इस फॉर्मेट में उनका कोई सानी नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम वर्ल्ड की एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने क्रिकेट में सात बार टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल जीता है। महिला टीम में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड ने सिर्फ एक-एक बार फाइनल जीता है। वहीं पुरुष क्रिकेट में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा तीन बार टी20 वर्ल्ड कप का टाइटल अपने नाम किया है।
इस जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया की कप्तान और टीम ने ऐतिहासिक जश्न मनाया। इस जश्न ने सबको साल 1997 की एशेज सीरीज की याद दिला दी। जिसमें ऑस्ट्रेलिया की तरफ से शेन वॉर्न ने लॉर्ड्स की बालकनी से अनोखा जश्न मनाया था।
खिताब जीतते ही ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने लॉर्ड्स की बालकनी में शेन वॉर्न के अंदाज में बियर की बोतल अपने सिर पर उड़ेल ली। साल 1997 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज जीत के बाद ट्रेंट ब्रिज की बालकनी में वॉर्न की बियर सिर पर डालते हुए तस्वीर आइकॉनिक बन गई थी।
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज दिवंगत स्पिनर शेन वॉर्न को पार्टी, मस्ती और बेपरवाह अंदाज के लिए जाना जाता था। जिस तरह वॉर्न ने 1997 में बियर सिर पर डालते हुए तस्वीर खिंचवाई थी। ठीक उसी तरह सोफी अपने हाथ में स्टंप लेकर बालकनी में झूमती दिखाई दीं। जबकि बाकी खिलाड़ी हंसते-चिल्लाते उनके साथ जश्न में शामिल थे।
फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग की थी, लेकिन 70 रन पर उसके 4 विकेट गिर गए। हालांकि, इसके बाद कप्तान नैट सिवर ब्रंट ने 53 गेंदों में नाबाद 58 रन और फ्रेया कैम्प ने 28 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए। दोनों ने 80 रन की साझेदारी कर स्कोर 20 ओवर में 150/4 तक पहुंचाया।
151 रन का टारगेट चेज करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने जॉर्जिया वोल का विकेट जल्दी खो दिया। इसके बाद बेथ मूनी ने 49 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 64 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। फीबी लिचफील्ड ने 35 गेंदों में 6 चौके-2 छक्के ठोककर 48 रन बनाए। दोनों की पारियों ने जीत की नींव रखी। आखिर में एलिस पेरी 13 और एश गार्डनर 3 ने टीम को आसानी से जीत दिला दी।
बेथ मूनी को फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में मूनी का बल्ला हमेशा बोलता है। अब तक उन्होंने नॉकआउट में 10 पारियों में 70.66 की औसत और 133 के स्ट्राइक रेट से 424 रन बनाए हैं, जिसमें 5 फिफ्टी शामिल है। इस टूर्नामेंट में भी उन्होंने 7 पारियों में 47.6 की औसत से 238 रन बनाए, जिसमें 3 फिफ्टी शामिल थी। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी मिला।