खास सावधानी बरतें ये 5 राशियां, शनि चलने वाले हैं टेढ़ी चाल

Saturn Retrograde July 2026 : 27 जुलाई को न्यायधीश शनि मीन राशि में रहते हुए वक्री होने जा रहे हैं। शनि की ये टेढ़ी चाल कुछ राशि वालों को खराब रह सकती है। आइए जानते हैं कि यह किन राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा और इसके अशुभ प्रभाव को खत्म करने के लिए क्या उपाय करें।

Authored by: Mohit TiwariUpdated Jul 20 2026, 22:14 IST
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वक्री शनि देंगे अशुभ प्रभाव

Saturn Retrograde July 2026 : वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता, न्याय, अनुशासन, धैर्य, जिम्मेदारी और दीर्घकालिक परिणामों का कारक माना जाता है। शनि जब वक्री (Retrograde) होते हैं तो उनका प्रभाव और अधिक गहरा हो जाता है। वक्री अवस्था में शनि बाहरी घटनाओं से अधिक व्यक्ति के कर्म, निर्णय, अधूरे कार्यों और जीवन की वास्तविकताओं का परीक्षण करते हैं। 27 जुलाई 2026 को सुबह 1 बजकर 25 मिनट पर शनि मीन राशि में वक्री चाल शुरू करेंगे। यह गोचर कई राशियों के लिए आत्ममंथन और पुराने कार्यों की समीक्षा का समय लेकर आएगा, लेकिन कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी।मीन राशि में वक्री शनि कल्पना और भावनाओं पर नियंत्रण, कर्मों का मूल्यांकन और जीवन की दिशा बदलने वाले निर्णयों को प्रभावित करेंगे। जिन लोगों ने पिछले कुछ समय में जल्दबाजी में फैसले लिए हैं या जिम्मेदारियों की अनदेखी की है, उन्हें इस अवधि में उसके परिणाम देखने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा और इस समय को शुभ बनाने के लिए क्या उपाय करें।

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​वक्री शनि का क्या है मतलब​

वक्री शनि को दंड देने वाला नहीं, बल्कि सुधार का अवसर देने वाला ग्रह माना जाता है। इस दौरान अधूरे कार्य, पुराने विवाद, रुके हुए भुगतान, कानूनी मामले, करियर से जुड़े निर्णय और रिश्तों की वास्तविकता सामने आ सकती है। यह समय धैर्य, अनुशासन और कर्म की शुद्धता बनाए रखने का होता है। जो लोग संयम रखते हैं, वे इस अवधि के बाद अधिक मजबूत होकर निकलते हैं।

​मिथुन राशि​03 / 07

​मिथुन राशि​

मिथुन राशि वालों के लिए वक्री शनि दशम भाव में प्रभाव डालेंगे। दशम भाव करियर, पद, प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान नौकरी में अपेक्षा से अधिक कार्यभार मिल सकता है, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है या पदोन्नति में देरी हो सकती है। व्यापारियों को भी बड़े निर्णय सोच-समझकर लेने होंगे। कोई भी कानूनी या दस्तावेजी कार्य बिना जांच के पूरा न करें। इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रत्येक शनिवार शनि देव के मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जप करें, काले तिल का दान करें और श्रमिकों या जरूरतमंद लोगों की सहायता करें। इससे शनि के कठोर प्रभाव में कमी आ सकती है।

​सिंह राशि​04 / 07

​सिंह राशि​

सिंह राशि वालों के लिए वक्री शनि अष्टम भाव को सक्रिय करेंगे। यह भाव अचानक होने वाली घटनाओं, गुप्त मामलों, शोध, ऋण और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान आर्थिक लेनदेन में अतिरिक्त सावधानी रखें। बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचें। स्वास्थ्य जांच को टालना उचित नहीं रहेगा और वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। शनिवार को लोहे की वस्तु का दान करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें और जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा करें। इससे अष्टम भाव से जुड़े तनाव कम हो सकते हैं।

​कन्या राशि​05 / 07

​कन्या राशि​

कन्या राशि के लिए वक्री शनि सप्तम भाव को प्रभावित करेंगे। विवाह, साझेदारी और व्यावसायिक संबंधों में धैर्य की परीक्षा हो सकती है। जीवनसाथी के साथ संवाद की कमी या गलतफहमी बढ़ सकती है। साझेदारी वाले व्यवसाय में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी रहेगा। किसी भी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें। शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, भगवान हनुमान की उपासना करें और क्रोध पर नियंत्रण रखें। इससे संबंधों में स्थिरता बनी रहेगी।

​धनु राशि​06 / 07

​धनु राशि​

धनु राशि वालों के लिए वक्री शनि चतुर्थ भाव में रहेंगे। यह भाव घर, माता, संपत्ति, मानसिक शांति और वाहन से जुड़ा होता है। घर बदलने, संपत्ति खरीदने या बड़े निर्माण कार्यों में विलंब संभव है। परिवार में किसी पुराने विषय को लेकर तनाव उत्पन्न हो सकता है। मानसिक दबाव के कारण निर्णय क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। प्रत्येक शनिवार गरीबों को काला कंबल या काली उड़द का दान करें, माता-पिता का सम्मान करें और शनि स्तोत्र का पाठ करें। इससे मानसिक संतुलन और पारिवारिक सौहार्द बना रहेगा।

​मीन राशि​07 / 07

​मीन राशि​

मीन राशि में ही शनि वक्री हो रहे हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव सबसे प्रत्यक्ष रहेगा। लग्न भाव में वक्री शनि आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। कई कार्यों में अपेक्षा से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। करियर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहेगा। स्वास्थ्य की उपेक्षा बिल्कुल न करें। शनिवार को शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं, नियमित ध्यान और प्राणायाम करें तथा असत्य और अनैतिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहें। इससे शनि का सकारात्मक पक्ष सक्रिय होगा।

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