Attack on Times Now Navbharat During Chalo Sansad: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चलो संसद कार्यक्रम के दौरान मीडिया को भी प्रदर्शनकारियों के हमले का शिकार बनना पड़ा। Times Now Navbharat की रिपोर्टर ज्योति मिश्रा भी इस हमले की चपेट में आईं। प्रदर्शनकारियों ने रिपोर्टर पर पत्थरों-बोतलों से हमला कर दिया। लेकिन पुलिस ने किसी तरह उन्हें प्रदर्शनकारियों के हमले से बचाया। एक पुलिस अधिकारी ज्योति मिश्रा और कैमरामैन दिलीप अवस्थी को बचाकर भीड़ के सामने से ले गए। पुलिस अधिकारी ने लगातार रिपोर्टर के सिर को अपने हाथों से बचाते हुए हमलावरों की जद से दूर लेकर गए।
रिपोर्टर ज्योति मिश्रा पर हमला
इस दौरान ज्योति मिश्रा बेहद घबराई हुई थीं। इसी दौरान वह लगातार कहती जा रही थीं कि किस तरह उन्हें और पुलिस दोनों को निशाना बनाया गया। वह कहती हैं- हम इनकी खबर दिखाने के लिए इनके बीच पहुंचे हैं, पत्थर नहीं मिल रहे हैं तो पानी की बोतलें फेंककर मार रहे हैं। ये कहीं से भी पढ़े-लिखे लोगों का आंदोलन नहीं है। इनका भरोसा नहीं है, एक महिला पत्रकार के साथ ये ऐसा कर सकते हैं, ये क्रिमिनल्स हैं।
भीड़ पीछा ही नहीं छोड़ रही थी
बाद में उन्होंने टाइम्स नाउ नवभारत के कार्यक्रम 'न्यूज की पाठशाला' में आपबीती भी सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह प्रदर्शनकारियों ने उन्हें निशाना बनाया और किस तरह से उनकी जान बची। अगर पुलिस सही वक्त पर नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ज्योति मिश्रा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर हावी होने की कोशिश की और कैमरामैन दिलीप अवस्थी को पूरी तरह दबा दिया। भीड़ मेरा पीछा नहीं छोड़ रही थी, मैं किसी तरह एटीम में घुसी। इसके बाद दिलीप भी अंदर आ गए। फिर बैंक मैनेजर मुझे अंदर ले गए। फिर हमले पीसीआर को कॉल किया और पुलिस पहुंची।
मेरे साथ जो हुआ मैं उसे कभी भूल नहीं पाऊंगी। ये कहां से शांतिपूर्ण आंदोलन नजर आ रहा है। ये गुंडे थे, पढ़े-लिखे लोग नहीं थे। एंटी नेशनल लोग यहां जमा हुए थे। शांतिपूर्ण विरोध के नाम पर आप एक महिला पत्रकार के साथ क्या कर रहे थे।
