भूचाल ला सकता है पंचांक योग, कुछ दिन बेहद संभलकर चलें इन 4 राशियों के लोग

Mangal Shani Panchank Yog 2026: क्रूर ग्रह मंगल और शनि के बीच पंचांक योग का निर्माण हो गया है। इसके चलते कुछ राशि वालों को खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं कि राशि वालों को इस दौरान सतर्क रहना होगा।

Authored by: Mohit TiwariUpdated Aug 6 2026, 18:52 IST
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मंगल-शनि ने बनाया पंचांक योग

Mangal Shani Panchank Yog 2026: 6 अगस्त 2026 की दोपहर 1 बजकर 28 मिनट पर ग्रहों के सेनापति मंगल और न्याय के कारक शनि एक-दूसरे से 72 डिग्री के कोण पर आ गए हैं। ज्योतिषीय गणना में ग्रहों के बीच बनने वाले इस कोण को पंचांक योग के रूप में देखा जाता है। इस समय मंगल मिथुन राशि में और शनि मीन राशि में स्थित हैं। इसके साथ ही मिथुन के स्वामी बुध कर्क राशि में मौजूद हैं, ऐसे में मंगल की राशि स्थिति और बुध की भावनात्मक राशि में मौजूदगी इस पूरे संयोग के परिणामों को समझने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मंगल को ऊर्जा, साहस, आक्रामकता, भूमि, तकनीक और त्वरित निर्णय का कारक माना जाता है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन, धैर्य, देरी और जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। मंगल किसी काम को तुरंत पूरा करने की प्रवृत्ति देता है, वहीं शनि व्यक्ति को प्रक्रिया के अनुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ने के लिए मजबूर करते हैं। दोनों के बीच यह विशेष कोण बनने पर कुछ राशियों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा जल्दबाजी और धैर्य के बीच संतुलन की हो सकती है। इस स्थिति को केवल मंगल और शनि के कोण के आधार पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। मंगल इस समय मिथुन राशि में हैं, जो बुध की राशि है और बुध कर्क राशि में स्थित हैं। इससे विचार, संवाद और निर्णय के क्षेत्र में गति तो बढ़ सकती है, मगर भावनात्मक प्रतिक्रिया भी निर्णयों को प्रभावित कर सकती है। इसी कारण इस अवधि में वाणी, करियर, साझेदारी और घरेलू मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों को इस दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

​मिथुन राशि​02 / 06

​मिथुन राशि​

मिथुन राशि वालों के लिए यह ग्रह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मंगल आपकी राशि में ही स्थित हैं। मंगल के प्रभाव से ऊर्जा, आत्मविश्वास और कुछ नया करने की इच्छा बढ़ सकती है। आप किसी काम को तेजी से पूरा करना चाहेंगे और लंबे समय से अटके विषय को तुरंत निपटाने की कोशिश कर सकते हैं। समस्या तब पैदा होगी जब सामने की परिस्थितियां आपकी गति के साथ न चलें। शनि इस समय मिथुन राशि से दसवें भाव में स्थित हैं। दसवां भाव करियर, नौकरी, पद, प्रतिष्ठा और जिम्मेदारियों से संबंधित है। शनि यहां पहले से ही धैर्य और निरंतर मेहनत की मांग कर रहे हैं। मंगल की तेज ऊर्जा और शनि की धीमी प्रक्रिया के बीच अंतर के कारण काम को लेकर अधीरता बढ़ सकती है। ऑफिस में किसी वरिष्ठ अधिकारी की बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देना या मेहनत के अनुरूप परिणाम न मिलने पर नौकरी छोड़ने का विचार करना नुकसानदेह हो सकता है। बुध कर्क राशि में होने के कारण बातचीत में भावनात्मकता बढ़ सकती है। मिथुन राशि के जातकों को खास तौर पर ईमेल, मैसेज, सोशल मीडिया या ऑफिस की बातचीत में शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए। किसी बात का जवाब तुरंत देने के बजाय कुछ समय लेकर प्रतिक्रिया देना बेहतर रहेगा। इस दौरान हनुमान जी की उपासना करें और शनिवार को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करें। इस दौरान क्रोध में लिया गया निर्णय टालना ही सबसे बड़ा व्यवहारिक उपाय रहेगा।

​कन्या राशि​03 / 06

​कन्या राशि​

कन्या राशि के लिए मंगल तीसरे और आठवें भाव से जुड़े हैं और इस समय मिथुन राशि में जाकर दसवें भाव को सक्रिय कर रहे हैं। दसवां भाव करियर और कर्मक्षेत्र का है, इसलिए काम को लेकर सक्रियता और महत्वाकांक्षा बढ़ सकती है। आप अपने करियर में तेजी से बदलाव या कोई बड़ा निर्णय लेने की इच्छा महसूस कर सकते हैं। शनि कन्या राशि से सातवें भाव में स्थित हैं। सातवां भाव जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनर, साझेदारी और लोगों के साथ प्रत्यक्ष संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल का करियर भाव को सक्रिय करना और शनि का साझेदारी भाव में होना ऐसी स्थिति बना सकता है जिसमें काम से जुड़ा दबाव व्यक्तिगत या व्यावसायिक रिश्तों तक पहुंच जाए। बिजनेस पार्टनर के साथ किसी मुद्दे पर मतभेद होने की स्थिति में तुरंत संबंध समाप्त करने या कोई कठोर फैसला लेने से बचना चाहिए। इस समय कन्या राशि वालों के लिए सबसे बड़ी जरूरत यह है कि प्रतिस्पर्धा को व्यक्तिगत विवाद न बनने दें। किसी सहकर्मी की सफलता या वरिष्ठ की आलोचना को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ना मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और शनिवार को किसी श्रमिक या जरूरतमंद व्यक्ति की यथाशक्ति सहायता करें। महत्वपूर्ण व्यावसायिक बातचीत में भावनाओं के बजाय तथ्यों को प्राथमिकता देना आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।

​धनु राशि​04 / 06

​धनु राशि​

धनु राशि वालों के लिए मंगल छठे और 11वें भाव के स्वामी होकर सातवें भाव में स्थित हैं। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनर और सार्वजनिक संबंधों से जुड़ा होता है। मंगल यहां सक्रियता के साथ अपनी बात मनवाने की प्रवृत्ति को बढ़ा सकते हैं। सामने वाला व्यक्ति सहमत न हो तो सामान्य बातचीत भी बहस का रूप ले सकती है। शनि इस समय धनु राशि से चौथे भाव में हैं। चौथा भाव घर, माता, संपत्ति, वाहन और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करता है। घर की जिम्मेदारियों और रिश्तों के तनाव को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऑफिस या बिजनेस का तनाव घर तक पहुंचने की स्थिति में जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं।बिजनेस करने वाले जातकों को साझेदारी में आर्थिक निर्णय लेते समय विशेष सावधानी रखनी होगी। लाभ की जल्दी में किसी व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसान दे सकता है। हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं। रिश्तों में बहस की स्थिति बनने पर अपनी बात साबित करने के बजाय बातचीत को कुछ समय के लिए रोक देना इस ग्रह स्थिति में सबसे उपयोगी सावधानी होगी।

​मीन राशि​05 / 06

​मीन राशि​

मीन राशि वालों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि शनि आपकी राशि में ही स्थित हैं। शनि का मीन राशि में गोचर व्यक्ति को जिम्मेदारियों और लंबी अवधि के विषयों पर गंभीरता से काम करने के लिए प्रेरित करता है। इसी समय मंगल मिथुन राशि में जाकर आपके चौथे भाव को सक्रिय कर रहे हैं। चौथा भाव घर, माता, संपत्ति, वाहन और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल की स्थिति के कारण घर में किसी काम को लेकर जल्दबाजी, प्रॉपर्टी से जुड़ा तनाव या वाहन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शनि की मौजूदगी के कारण इन मामलों का समाधान तुरंत होने के बजाय समय ले सकता है। यही स्थिति मानसिक चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती है।बुध कर्क राशि में होने के कारण परिवार से जुड़ी बातचीत में भावनात्मकता बढ़ सकती है। किसी सदस्य की बात को व्यक्तिगत रूप से लेने या पुराने विवाद को दोबारा उठाने से बचना चाहिए। प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात अच्छी तरह जांचे बिना कोई फैसला न लें और वाहन चलाते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें। पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और मंगलवार को हनुमान जी की उपासना करें। माता-पिता या घर के बुजुर्गों की सेवा करना भी इस अवधि में आपके लिए सकारात्मक रहेगा।

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यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।​

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