लोककथाओं अनुसार अलक्ष्मी समुद्र मंथन में प्रकट हुई थीं। ये धन की देवी मां लक्ष्मी की बड़ी बहन मानी जाती हैं। कहते हैं उन्होंने आसुरी शक्तियों का वरण किया था। जहां देवी लक्ष्मी धन-धान्य की देवी मानी जाती हैं वहीं अलक्ष्मी गरीबी और दरिद्रता की देवी कहलाती हैं। कुछ मान्यताओं अनुसार समुद्र से मदिरा लेकर निकलने वाली स्त्री ही अलक्ष्मी ही थीं। चलिए जानते हैं देवी अलक्ष्मी का किन घरों में होता है वास।
माना जाता है कि देवी अलक्ष्मी का विवाह उद्दालक नाम के मुनि से हुआ था। जब मुनि देवी अलक्ष्मी को अपने आश्रम लेकर गए तो उन्होंने उस आश्रम में प्रवेश करने से मना कर दिया। ऐसे में मुनि ने देवी अलक्ष्मी से आश्रम में प्रवेश न करने का कारण पूछा तब अलक्ष्मी ने बताया कि वे कैसे घरों में निवास करती हैं और किन जगहों पर वे कभी प्रवेश नहीं करती हैं। देवी अलक्ष्मी द्वारा बताई गई इन बातों से जाना जा सकता है कि कैसे घरों में हमेशा गरीबी रहती है।
जिन लोगों के घर गंदे रहते हैं उन घरों में देवी अलक्ष्मी का वास होता है। तो वहीं जिन घरों में साफ-सफाई रहती है वहां मां लक्ष्मी निवास करती हैं।
जिन घरों में हमेशा लड़ाई-झगड़े का माहौल रहता है ऐसे घरों में अलक्ष्मी का वास होता है। तो वहीं जिस घर का माहौल हमेशा अच्छा रहता है, जहां के लोगों के बीच हमेशा प्यार बना रहता है वहां मां लक्ष्मी का वास होता है।
जिन घरों में लोग गंदे कपड़े पहनते हैं और पूजा-पाठ नहीं करते उन घरों में भी अलक्ष्मी रहती हैं। तो वहीं जिस घर के लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनकर पूजा-पाठ करते हैं वहां मां लक्ष्मी की कृपा रहती है।
ऐसे घर जहां के लोग अधर्म या गलत काम करते हैं। हमेशा दूसरों का बुरा सोचते रहते हैं ऐसे घरों में भी अलक्ष्मी वास करती हैं। तो वहीं जो लोग हमेशा अच्छे कर्म करते हैं और दूसरों की मदद करते हैं उनके घर में देवी लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।