धनतेरस, दीपावली उत्सव की शुरुआत का पहला दिन होता है, जिसे आयु, स्वास्थ्य और धन-संपत्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन को वास्तु शास्त्र की दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है क्योंकि यह न केवल लक्ष्मी देवी का स्वागत करने का समय होता है, बल्कि घर की ऊर्जा को सकारात्मक और समृद्ध बनाने का अवसर भी होता है। धनतेरस पर वास्तु के कुछ खास उपाय करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यहां वास्तु के ही 6 खास उपाय के बारे में बताया गया है।
धनतेरस पर मुख्य द्वार को विशेष रूप से स्वच्छ और सुसज्जित करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह देवी लक्ष्मी के प्रवेश का मार्ग होता है। दरवाजे पर आम या अशोक के पत्तों की तोरण लगाएं और रंगोली बनाएं। स्वास्तिक, ॐ, और शुभ-लाभ जैसे शुभ चिन्ह भी दरवाजे पर अंकित करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और वास्तु दोषों का नाश होता है।
वास्तु के अनुसार धनतेरस के दिन गोमती चक्र, पीली कौड़ी या कमलगट्टा खरीदकर पूजा करने के बाद तिजोरी या पूजाघर में रखना अत्यंत शुभ होता है। ये वस्तुएं धन वृद्धि, मानसिक शांति और शत्रु बाधा से रक्षा करने वाली मानी जाती हैं। इन्हें लाल कपड़े में बांधकर रखें और नियमित रूप से अगरबत्ती दिखाएं।
घर की तिजोरी या जहां धन-संपत्ति रखी जाती है, उस स्थान को धनतेरस से पहले पूरी तरह साफ कर लें। तिजोरी के पास कपूर या लौंग जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पूजा घर को भी स्वच्छ करके वहां दीपक और धूप जलाएं।
धनतेरस की शाम घर के प्रत्येक कोने में दीपक जलाना चाहिए। खासतौर पर उत्तर, पूर्व और ईशान कोण में दीपक जलाना वास्तु के अनुसार अत्यंत लाभकारी होता है। मिट्टी या पीतल के दीपक में घी या तिल का तेल भरकर जलाएं, जिससे घर में लक्ष्मी जी का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है।
वास्तु के अनुसार धनतेरस पर झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर करता है। नई झाड़ू को घर में दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें और इसे रसोई या पूजा स्थल के पास कभी न रखें। झाड़ू को छिपाकर रखना चाहिए ताकि उसकी ऊर्जा सही ढंग से कार्य कर सके।
धनतेरस पर चांदी, पीतल, तांबा या स्टील की वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी जाती है। ये धातुएं वास्तु के अनुसार पंचतत्वों से जुड़ी होती हैं और घर में संतुलन बनाए रखती हैं। चांदी लक्ष्मी का प्रतीक है, पीतल और तांबा सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। खरीदी गई वस्तुओं को सबसे पहले पूजा स्थल में रखकर पूजा करनी चाहिए।