What is Meteor Shower: टॉरिड उल्का बौछार एक खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्वी के वायुमंडल में धूमकेतु के छोटे-छोटे कण टकराते हैं, जो रात के समय आसमान को रोशन कर देते हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि मानो आतिशबाजी हो रही हो।
South Taurid Meteor Shower: सबसे पहले साउथ टॉरिट्स उल्का बौछार के बारे में जान लेते हैं, जो 23 सितंबर से लेकर 12 नवंबर तक चलने वाली है। ऐसे में आप रात के समय आसमान में अद्भुत नजारे को लुत्फ उठा सकते हैं।
North Taurid Meteor Shower: साउथ टॉरिट्स उल्का बौछार के बाद नॉर्थ टॉरिट्स उल्का बौछार का आनंद ले सकते हैं। नॉर्थ टॉरिट्स उल्का वर्षा 13 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक सक्रिय रहेगी और 11-12 नवंबर को रात में उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी। इस दौरान प्रति घंटे कई उल्काएं दिखाई देंगी।
नॉर्थ और साउथ दोनों उल्काएं लंबे समय तक सक्रिय रहती हैं। ऐसे में प्रति घंटे लगभग पांच उल्काएं आसमान को रोशन करती हुई दिखाई दे सकती हैं।
Halloween Fireball: सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज के मुताबिक, इन असाधारण रूप से चमकीले उल्काओं को बहुत बड़े क्षेत्र में देखा जा सकता है। इसी वजह से इन्हें 'हैलोवीन फायरबॉल' भी कहा जाता है।
टॉरिट्स उल्का वर्षा सबसे सक्रिय उल्का बारिश नहीं है, लेकिन अत्यधिक पैमाने पर वायुमंडल से धूमकेतु के कणों के टकराने की वजह से आसमान जरूर जगमग हो जाता है, जबकि कुछ उल्का वर्षा में प्रति घंटे 100 से अधिक उल्काएं देखने को मिलती हैं।
दादी, नानी और बुजुर्गों की कहानियों में अक्सर इन उल्का बौछार को 'टूटते हुआ तारा' बताया जाता था और कहा जाता था कि टूटते हुए तारों से मांगी गई दुआ कबूल होती है। खैर इन्हें देखने के लिए आप रात के समय किसी ऐसी जगह पर जाएं जहां से आसमान साफ-साफ दिखाई दे रहा हो।