जुपिटर के पास 95 चांद हैं और उनमें से चार चांद सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं और उन चांद में यूरोपा और मैनीगीड शामिल हैं, लेकिन बात अगर शनि ग्रह की हो तो हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह भी पीछे छूट जाता है।
शनि ग्रह के पास पहले से 146 चांद मौजूद हैं और इसी वजह से किंग्स ऑफ मून का टाइटल उसके पास था और अब यह खिताब फिलहाल तो कोई नहीं छीनने वाला है, क्योंकि शनि ग्रह का चक्कर काटते हुए 128 और चंद्रमाओं की खोज हुई है।
सौरमंडल में चंद्रमाओं की चल रही रेस में शनि ग्रह अजेय बढ़त बनाए हुए हैं। शनि ग्रह के पास 128 नए चंद्रमाओं की बदौलत कुल 274 ऐसे उपग्रह मौजूद हैं, जो उसकी परिक्रमा कर रहे हैं।
शनि ग्रह अपने रिंग्स के लिए जाना जाता है तभी तो इसे रिंग प्लैनेट भी कहा जाता है। हालांकि, यह बिल्कुल भी नहीं है कि हमारे सोलर सिस्टम में रिंग्स वाला ग्रह सिर्फ शनि ही है। शनि के अलावा जूपिटर, यूरेनस और नेपच्यून के पास भी रिंग्स हैं।
ताइवान के एकेडेमिया सिनसिया में पोस्टडॉक्टरल फेलो और प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एडवर्ड एश्टन ने कहा कि हमें 128 नए चंद्रमा मिले हैं। हमारे अनुमानों के आधार पर मुझे नहीं लगता है कि अब कभी भी जुपिटर चंद्रमाओं की रेस में आगे निकल पाएगा।
बकौल नासा पृथ्वी के पास एक, मंगल के पास दो, बृहस्पति के पास 95, यूरेनस के 28, नेप्चयून के 16 और प्लूटो के 5 चंद्रमा मौजूद हैं।