ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को दुनिया की सबसे बड़ी दीवार होने का दर्जा प्राप्त है। इस दीवार की लंबाई 21,196 किलोमीटर बताई जाती है जिसे बनाने में लगभग 2000 साल लगे थे।
ग्रेट वॉल ऑफ चाइना इंजीनियरिंग का एक नायाब नमूना है। अगर कोई इंसान इस दीवार को पैदल पार करने की ठान लें तो उसे एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में 18 महीने का समय लग सकता है।
ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को लेकर समय-समय पर ऐसी अफवाह सुनने को मिलती है कि यह दीवार अंतरिक्ष से दिखाई देती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। अंतरिक्ष से ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को नंगी आंखों से देखना असंभव है, क्योंकि इसकी चौड़ाई और रंग पृथ्वी की सतह के साथ मिल जाते हैं जिस वजह से यह दिखाई नहीं देती है।
दुनिया के सात अजूबों में से एक ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को यहां के स्थानीय लोग 'स्टोन ड्रैगन' कहते हैं। इस दीवार का निर्माण 221 ईसा पूर्व से शुरू हुआ। इस दीवार को बनवाने की शुरुआत चिन शी हुआंग ने की थी, लेकिन आने वाले राजवंशों ने इस दीवार को मजबूत और टिकाऊ बनाया।
इन दीवारों को आक्रमणकारियों से सुरक्षा के लिहाज से बनाया गया था। इस दीवार में सैनिकों की तैनाती, हथियारों का भंडारण और संदेश भेजने के लिए वॉचटावर भी दिखाई देते हैं।
ग्रेट वॉल ऑफ चाइना के निर्माण में लाखों मजदूरों, सैनिकों, किसानों और कैदियों ने काम किया था। एक अनुमान के मुताबिक, दीवार के निर्माण में 5 लाख लोग मारे गए थे।
ग्रेट वॉल ऑफ चाइना ऐसी प्रतीत होती है जैसे जमीन में कोई सांप रेंग रहा हो। इस दीवार की चौड़ाई इतनी है कि इस पर गाड़ियां आराम से चल सकती हैं। दीवार के सामने की ओर चिकने पत्थर लगाए गए थे ताकि कोई आक्रमणकारी इस पर चढ़ न पाए।