इसे 'हाईवे टू हेल' क्यों कहा जाता है? तुर्की की इस सड़क पर एक छोटी सी गलती की कोई माफी नहीं है। जानिए आखिर क्यों कांप जाते हैं अनुभवी ड्राइवर्स भी
यह सड़क लगभग 2,035 मीटर (6,676 फीट) की ऊंचाई तक चढ़ती है, जहां तापमान तेजी से बदलता है। एक तरफ बर्फ से ढकी चोटियाँ तो दूसरी तरफ गहरी खाई वहीं D915 बेबूर्त रोड पर 29 बेहद खतरनाक हेयरपिन मोड़ हैं, जो ज़िग-ज़ैग पैटर्न में ऊपर चढ़ते हैं।
सर्दियों में यह सड़क और भी घातक हो जाती है। बर्फ और कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है, और फिसलने का खतरा लगातार बना रहता है। कई महीनों तक यह सड़क बंद रहती है, फिर भी कुछ दिलेर ड्राइवर यहां से गुजरते हैं।
इस रास्ते पर गाड़ी चलाना किसी भी ड्राइवर के लिए एक अग्निपरीक्षा से कम नहीं। यहाँ एक पल की चूक भी भारी पड़ सकती है। स्थानीय ड्राइवर बताते हैं कि यहां की हर यात्रा उनकी सांसें थमा देती है
यह ऐतिहासिक सड़क 1916 में रूसी सैनिकों द्वारा ब्लैक सी (Black Sea) को पूर्वी अनातोलिया से जोड़ने के लिए बनाई गई थी। तब से इसमें कुछ सुधार हुए हैं, लेकिन इसका मूल खतरनाक स्वरूप बरकरार है।
खतरनाक होने के बावजूद, यह सड़क कुछ स्थानीय समुदायों के लिए जीवन रेखा है। स्थानीय लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी जानलेवा रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, जो उनके जज्बे को सलाम है।
D915 बेबूर्त रोड सिर्फ खतरों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अविश्वसनीय दृश्यों के लिए भी जानी जाती है। यह एक ऐसा सफर है जो आपकी परीक्षा लेता है, लेकिन आपको प्रकृति की भयावह सुंदरता का भी एहसास कराता है। क्या आप करेंगे इस 'हाईवे टू हेल' पर सफर?
Jun 14, 2026