जिस F-35 को भारत को बेचना चाहते हैं ट्रंप, वो पिछले 12 दिनों से केरल में है पड़ा, अब ठीक करने ब्रिटेन से आ रहे इंजीनियर

अमेरिका का सबसे अत्याधुनिक फाइटर जेट में से एक F-35 पिछले 12 दिनों से भारत में पड़ा हुआ है। तेल खत्म होने पर केरल में इमरजेंसी लैंडिंग करने वाला यह ब्रिटन का है। इस फाइटर जेट में जब ईंधन भरा गया तब भी यह उड़ान नहीं भर सका। इंजीनियरों ने बताया कि इसमें तकनीकि समस्या आ गई है। अब सवाल ये है कि जिस एफ-35 को ट्रंप, भारत को बेचना चाहते हैं, जिस अमेरिका दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान में से एक होने का दावा करता है, वो आखिर 12 दिनों से ठीक क्यों नहीं हो रहा है?

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Jun 27 2025, 22:00 IST
ब्रिटेन से आ रही टीमImage Credit : Pti/Royal Navy01 / 07

ब्रिटेन से आ रही टीम

ब्रिटेन के इस फाइटर जेट को अब ठीक करने के लिए ब्रिटेन से टीम आ रही है। यहां मौजूद टीम एफ-35 को ठीक नहीं कर पाई है। पहले सिर्फ इसमें ईंधन कम होने की जानकारी थी, फिर इसमें तकनीकी खराबियों का पता चला है।

अब मरम्मत केंद्र में ले जाने के लिए तैयार हुआ ब्रिटेनImage Credit : Pti/Royal Navy02 / 07

अब मरम्मत केंद्र में ले जाने के लिए तैयार हुआ ब्रिटेन

ब्रिटिश उच्चायोग ने शुक्रवार को बताया कि तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करने वाले ब्रिटेन के एफ-35बी लाइटनिंग II स्टेल्थ लड़ाकू विमान को हवाई अड्डे के रखरखाव, मरम्मत और सुविधा केंद्र में ले जाया जाएगा, जहां उसकी मरम्मत होगी। ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रवक्ता ने कहा, "तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ब्रिटिश एफ-35बी विमान तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत के लिए रुका हुआ है। ब्रिटेन ने विमान को हवाई अड्डे की मरम्मत और रखरखाव सुविधा में ले जाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। ब्रिटिश इंजीनियरिंग टीमें विशेष उपकरणों के साथ पहुंचने के बाद विमान को हैंगर में ले जाया जाएगा, ताकि अन्य विमानों की नियमित मरम्मत में कम से कम बाधा हो।"

14 जून को हुई थी लैंडिंगImage Credit : Pti/Royal Navy03 / 07

14 जून को हुई थी लैंडिंग

स्टेल्थ लड़ाकू विमान एफ-35 ने 14 जून को तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की थी। अब यह विमान अमेरिकी निर्माता लॉकहीड मार्टिन के इंजीनियरों की एक टीम के आने का इंतजार कर रहा है, जो तकनीकी खराबी को दूर करने में मदद करेगी।

इंडियन नेवी के साथ कर रहा था अभ्यासImage Credit : Pti/Royal Navy04 / 07

इंडियन नेवी के साथ कर रहा था अभ्यास

यह उन्नत लड़ाकू विमान ब्रिटेन के एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है, जो वर्तमान में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तैनात है। यह विमान भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास पूरा करने के बाद बेस पर लौट रहा था, तभी तिरुवनंतपुरम में इसकी आपातकालीन लैंडिंग हुई।

अब जिम्मेदारी लॉकहीड मार्टिन की तकनीकी टीम परImage Credit : Pti/Royal Navy05 / 07

अब जिम्मेदारी लॉकहीड मार्टिन की तकनीकी टीम पर

भारतीय वायु सेना, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों ने शुरू में उम्मीद की थी कि विमान ईंधन भरने के बाद जल्द ही उड़ान भरेगा। लेकिन, जल्द ही एक तकनीकी खराबी का पता चला। जिसके बाद सभी स्थानीय प्रयास समाप्त हो जाने के बाद, अब जिम्मेदारी लॉकहीड मार्टिन की तकनीकी टीम पर आ गई है, जिनके शीघ्र ही पहुंचने की उम्मीद है।

एफ-35बी की खासियतImage Credit : Pti/Royal Navy06 / 07

एफ-35बी की खासियत

एफ-35बी पांचवीं पीढ़ी का एकमात्र लड़ाकू विमान है जिसके उड़ान भरने के लिए लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती और हेलीकॉप्टर की तरह यह सीधे उतर सकता है। यह खूबी इसे छोटे विमानवाहक पोत से भी इसका संचालन करने के लिए आदर्श बनाती है।

एक जेट की कीमत 11 करोड़ अमेरिकी डॉलरImage Credit : Pti/Royal Navy07 / 07

एक जेट की कीमत 11 करोड़ अमेरिकी डॉलर

इस लड़ाकू विमान की कीमत करीब 11 करोड़ अमेरिकी डॉलर है और इसे दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। एफ-35बी अपनी छोटी टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (एसटीओवीएल) की खासियत के लिए जाना जाता है, जो इसे विमान वाहक और छोटे रनवे से संचालित करने की अनुमति देता है।

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