मंडी हाउस से कनॉट सर्कल तक जाने वाली सड़क को बाराखम्बा रोड कहा जाता है। जी हां यह वह सड़क है, जिस पर एक ओर नेपाल हाउस और दूसरी ओर मॉडर्न स्कूल है। इसी सड़क पर आगे जाकर रणजीत सिंह चौक है और उससे आगे मेट्रो स्टेशन।
बाराखम्बा रोड पर दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन का अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन भी है। इस मेट्रो स्टेशन का नाम भी बाराखम्बा स्टेशन है। यहां से आगे एक ओर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन है तो दूसरी ओर मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन है।
गोपालदास भवन का निर्माण 1998 में किया गया है। पत्ते के आकार में बनी इस बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। आम लोग इसे नाव वाली बिल्डिंग भी कहते हैं। इस बिल्डिंग के बाहर 12 खंबे बनाए गए हैं, जो दो-दो के जोड़े में जुड़ै हैं। हालांकि, जिस बाराखम्बा रोड पर यह बिल्डिंग है उस रोड को अंग्रेजों से समय से ही बाराखम्बा रोड कहा जाता है। ऐसे में ये बात तो साफ है कि गोपालदास बिल्डिंग के बाहर बने 12 खंबों के नाम पर इस सड़क का नाम बाराखम्बा रोड नहीं पड़ा है।
इस प्रश्न की खोज में हमें इतिहास के पन्नों में डुबकी लगानी होगी। दरअसल कनॉट प्लेस से कई किमी दूर निजामुद्दीन के पास एक बाराखम्बा मॉन्यूमेंट है। 12वीं सदी की इस बिल्डिंग को तुगलक काल में बनवाया गया था। यह बिल्डिंग 12 पिलरों पर खड़ी है। माना जाता है कि इसी के नाम पर कनॉट प्लेस की इस सड़क का नाम बाराखम्बा रोड पड़ा है।
कहा जाता है कि एक समय कनॉट प्लेस के इस हिस्से से बाराखम्बा मॉन्यूमेंट दिखाई देता था, संभवत: इसीलिए यहां की प्रमुख सड़क का नाम बाराखम्बा रोड रख दिया गया।
बाराखम्बा मॉन्यूमेंट, हुमायूं के मकबरे के पास है। यहां पहुंचना बेहत आसान है। बाराखम्बा मॉन्यूमेंट में तीन मेहराब हैं। ह एक खुले पार्क में बनी बिल्डिंग है।