पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मनमोहन सिंह को एक ऐतिहासिक व्यक्ति, करीबी दोस्त और मूल्यवान सलाहकार कहा था। 2010 में टोरंटो में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी द्विपक्षीय बैठक से पहले ओबामा ने भारतीय प्रधानमंत्री के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की थी। ओबामा ने कहा, "मैं आपको बता सकता हूं कि यहां जी20 में जब प्रधानमंत्री बोलते हैं, तो लोग सुनते हैं। ऐसा आर्थिक मुद्दों के बारे में उनके गहन ज्ञान, विश्व शक्ति के रूप में भारत के उदय की बारीकियों और वैश्विक शांति और समृद्धि के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण है।"
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे, मनमोहन सिंह को अपना गुरु मानते थे। यह बात आबे के शीर्ष सहयोगी तोमोहिको तानिगुची ने 2014 में प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान बताई थी।
न केवल जापानी नेता बल्कि पूर्व जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल ने भी आर्थिक मुद्दों पर मनमोहन सिंह की सलाह लेती थीं। जब मर्केल 2013 में ग्रीस संकट पर चर्चा करने के लिए पहली यूरोज़ोन संकट बैठक में जा रही थीं, तो उन्होंने अपने सहयोगियों से सिंह को फ़ोन पर बुलाने के लिए कहा था। यह अनिर्धारित बातचीत लगभग 45 मिनट तक चली थी।
ब्रिटेन के पूर्व पीएम डेविड कैमरन ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत की कई यात्राओं में से एक को याद करते हुए लिखा था- "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मेरे अच्छे संबंध थे। वे एक संत पुरुष थे, लेकिन भारत के सामने मौजूद खतरों के बारे में वे बहुत सख्त थे। बाद में एक यात्रा के दौरान उन्होंने मुझसे कहा कि जुलाई 2011 में मुंबई में उस (2008) जैसे एक और आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी होगी।"
अमेरिका ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है और विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने उन्हें दोनों देशों की द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के सबसे बड़े समर्थकों में से एक बताया। ब्लिंकन ने कहा, " डॉ. सिंह को उनके आर्थिक सुधारों के लिए याद किया जाएगा, जिन्होंने भारत के तेज आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया। हम डॉ. सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं और अमेरिका तथा भारत को एक साथ लाने के लिए उनके समर्पित योगदान को हमेशा याद रखेंगे।"
कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने कहा कि उन्हें अपने पूर्व सहयोगी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उन्होंने कहा, "वह असाधारण बुद्धिमत्ता, ईमानदारी और ज्ञान के धनी व्यक्ति थे। लॉरेन और मैं उनके परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में डॉ. सिंह को अफगानिस्तान के लोगों का एक अटूट सहयोगी और मित्र बताया। करजई ने लिखा, "भारत ने अपने सबसे शानदार बेटों में से एक को खो दिया है। डॉ. मनमोहन सिंह अफगानिस्तान के लोगों के लिए एक अटूट सहयोगी और मित्र थे। मैं उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं और उनके परिवार, सरकार और भारत के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले।"