अमेरिका की सबसे खतरनाक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, जो US की धरती से ही ईरान को पल भर में कर सकती है तबाह

अमेरिका के पास ऐसी कई मिसाइल और हथियार प्रणाली हैं जो ईरान को सीधे या उसके करीब स्थित ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। अमेरिका जहां ईरान में घुसकर अपने स्टेल्थ लड़ाकू विमानों, बम वर्षकों के जरिए हमला कर सकता है, जैसे कि आज उसने किया है, वहीं वो अपनी धरती से भी ईरान में स्थित लक्ष्य को साध सकता है। Minuteman III और Trident II जैसी मिसाइलें अमेरिकी भूमि से सीधे ईरान तक पहुंच सकती हैं, जबकि LRSO और Tomahawk जैसी मिसाइलें लंबी दूरी से सटीक हमले करने में सक्षम हैं। इन प्रणालियों का उपयोग अमेरिका की रणनीतिक रक्षा क्षमताओं को मजबूत करता है।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Jun 22 2025, 16:52 IST
अमेरिकी मिसाइलों की रेंज ईरान तक01 / 07

अमेरिकी मिसाइलों की रेंज ईरान तक

ऐसे तो अमेरिका शायद ही इन इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रयोग करे। वो आम तौर पर अपने स्टेल्थ लड़ाकू विमानों, सैन्य ठिकानों और नौसैनिक बेड़ों से ही ईरान को तबाह करने की क्षमता रखता है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का प्रयोग कर सकता है, जिसकी रेंज ईरान से भी ज्यादा है।

अमेरिकी की सबसे खतरनाक मिसाइलImage Credit : US Govt02 / 07

अमेरिकी की सबसे खतरनाक मिसाइल

अमेरिका के पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल में एलजीएम-30 मिनटमैन III (LGM-30 Minuteman III) है। इसकी क्षमता इतनी है कि यह अमेरिका से लॉन्च होकर सीधे ईरान में किसी भी ठिकाने को तबाह कर सकता है।

एलजीएम-30 मिनटमैन III की खासियतImage Credit : US Govt03 / 07

एलजीएम-30 मिनटमैन III की खासियत

एलजीएम-30 मिनटमैन III की रेंज लगभग 13,000 किमी (8,100 मील), जो अमेरिकी भूमि से ईरान तक की दूरी से कहीं अधिक है। इसकी गति लगभग लगभग Mach 23 (~24,000 किमी/घंटा) है। लगभग 120 मीटर की सर्कुलर एरर प्रॉबेबलिटी (CEP), जो इसे उच्च सटीकता से लक्ष्य भेदने में सक्षम बनाती है। भूमिगत सिलो से लॉन्च होती है, जो इसे हमले से सुरक्षित रखता है। यह पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ परमाणु हथियार भी ले जा सकता है।

अमेरिका के परमाणु त्रिकोण का अहम हिस्साImage Credit : US Govt04 / 07

अमेरिका के परमाणु त्रिकोण का अहम हिस्सा

Minuteman III की उच्च रेंज, गति, सटीकता और शक्तिशाली न्यूक्लियर वॉरहेड्स इसे एक अत्यधिक खतरनाक और प्रभावी रणनीतिक हथियार बनाती हैं। यह मिसाइल अमेरिका के परमाणु त्रिकोण (land-based ICBMs, submarine-launched SLBMs, और long-range bombers) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एजीएम-181 लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ- AGM-181 Long Range Stand-Off (LRSO)Image Credit : US Govt05 / 07

एजीएम-181 लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ- AGM-181 Long Range Stand-Off (LRSO)

अमेरिकी AGM‑181 LRSO (Long-Range Stand-Off) परमाणु क्रूज़ मिसाइल अमेरिका की जमीन से ईरान जैसे दूरस्थ लक्ष्यों को मारने में सक्षम है। अनुमानित रेंज 2,500km से अधिक, यानी संयुक्त राज्य के मध्य/पश्चिमी क्षेत्र से ईरान तक आसानी से पहुंच सकता है। इसमें W80‑4 थर्मोन्यूक्लियर वॉरहेड है—यह व्यापक विनाश क्षमता रखता है। इसकी डिज़ाइन "लो-ऑब्ज़र्वेबिलिटी" के साथ है, ताकि यह एडवांस्ड एयर-डिफेंस सिस्टम्स को चकमा दे सके।

यूजीएम-133 ट्राइडेंट II - UGM-133 Trident II (SLBM) Image Credit : US Govt06 / 07

यूजीएम-133 ट्राइडेंट II - UGM-133 Trident II (SLBM)

यूजीएम-133 ट्राइडेंट II तकनीकी रूप से ICBM तो नहीं, लेकिन क्षमता, रेंज और भूमिका की वजह से समुद्र-आधारित ICBM के रूप में देखा जाता है। इसकी रेंज लगभग 11,000–12,000 km है। Trident II की रेंज से ईरान पर अमेरिका की मुख्य भूमि से वार करना संभव है; स्टील्थ, गति, सटीकता और क्षमता इसे बेहद घातक बनाती है।

BGM-109 टॉमहॉक - BGM-109 Tomahawk Image Credit : US Govt07 / 07

BGM-109 टॉमहॉक - BGM-109 Tomahawk

BGM-109 टॉमहॉक संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विकसित एक लंबी दूरी की, सबसोनिक, सभी मौसम में मार करने वाली क्रूज मिसाइल है। इसका उपयोग मुख्य रूप से अमेरिकी नौसेना और रॉयल नेवी द्वारा जहाज और पनडुब्बी-आधारित भूमि-हमला अभियानों के लिए किया जाता है। यह मिसाइल अपनी सटीक हमला क्षमताओं और दुश्मन के इलाके में गहरे लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता के लिए जानी जाती है। इसकी स्टील्थ प्रोफ़ाइल और लो-ऑल्टिट्यूड उड़ान इसे उन्नत विरोधी एयर डिफेंस सिस्टम्स से बचने में सक्षम बनाती है।

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