मेरठ मेट्रो को 135 की रफ्तार से चलने के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन इसकी टॉप स्पीड 120 किमी प्रति घंटे होगी। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 23 किमी का सफर आधे घंटे से कम समय में पूरा हो जाएगा।
मेरठ में लगने वाले जाम से आप वाकिफ होंगे। ऐसे में मेरठ मेट्रो लोगों को अपने प्राइवेट वाहन छोड़कर मेट्रो के आरामदायक और तेज सफर के लिए प्रोत्साहित करेगी।
मेरठ मेट्रो के बन जाने से क्षेत्र में विकास की बयार आएगी। यहां हेल्थकेयर, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अवसर पैदा होंगे। सीटों के ऊपर ग्रैब हैंडल भी लगा होगा।
मेरठ में चलने वाली मेट्रो ट्रेनें शत प्रतिशत भारत में बनी होंगी। यह न सिर्फ अत्याधुनिक होंगी, बल्कि बहुत ही सुरक्षित, भरोसेमंद और रफ्तार से भरपूर होंगी।
यानी आप अपनी मर्जी से पुश बटन को दबाकर किसी एक दरवाजे को खोल सकते हैं। यानी जहां जरूरत नहीं है वहां दरवाजे अपने-आप नहीं खुलेंगे, इससे बिजली की बचत होगी
मेट्रो ट्रेनों में आमतौर पर स्टील की सीटें होती हैं, लेकिन मेरठ मेट्रो में गद्दीदार सीटें होंगी और सामान रखने के लिए रैक भी लगा होगा। इसके अलावा मोबाइल चार्जिंग की सुविधा में मेरठ मेट्रो में होगी।
तीन कोच वाली मेरठ मेट्रो में बैठने के लिए 173 सीटें होंगी, जबकि एक समय पर 700 यात्री इनमें सफर कर पाएंगे। इनमें टू-बाई-टू सीटें भी होंगी।