70 सीटें, 1.55 करोड़ वोटर्स और 13 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र, दिल्ली के चुनावी महापर्व में और क्या-क्या, जानिए सबकुछ

दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में विधानसभा चुनाव एक चरण में संपन्न कराए जाएंगे। चुनाव आयोग की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि पांच फरवरी को यहां मतदान होगा। जबकि आठ फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई है। इस सीट पर भी 5 फरवरी को चुनाव और आठ फरवरी को नतीजों की घोषणा होगी।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Jan 7 2025, 18:16 IST
दिल्ली में कब होगी वोटिंगImage Credit : Election commission01 / 07

दिल्ली में कब होगी वोटिंग

दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए पांच फरवरी को एक चरण में चुनाव होगा और नतीजे की घोषणा आठ फरवरी को होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 जनवरी है और नामांकन पत्रों की जांच 18 जनवरी तक की जाएगी। उम्मीदवार 20 जनवरी तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच ही कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस अगर अपने मतदान प्रतिशत में सुधार कर पाई तो यह आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किल पैदा करने वाली और भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

दिल्ली में कितने मतदाताImage Credit : Election commission02 / 07

दिल्ली में कितने मतदाता

दिल्ली में कुल 1 करोड़ 55 लाख वोटर्स हैं। इसके अलावा, पुरुष मतदाता की संख्या 83.49 लाख, महिला मतदाता 71.74 लाख मतदाता है और युवा मतदाता की संख्या 25.89 लाख मतदाता हैं। उधर, पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं की कुल संख्या 2.08 लाख है। इसके अलावा, दिल्ली में 13 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। 100 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 830 है।

11 जिलों में 70 विधानसभा सीटेंImage Credit : Election commission03 / 07

11 जिलों में 70 विधानसभा सीटें

दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में दिल्ली की 70 विधानसभा सीट में से 58 सामान्य सीट और 12 एससी सीट पर एक ही चरण में चुनाव संपन्न होंगे। 2013 से वर्तमान में अभी तक यहां आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार का यह तीसरा टर्म है। पहली बार 2013 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस के सहयोग से यहां आम आदमी पार्टी ने सरकार का गठन किया था।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कितने बूथImage Credit : Election commission04 / 07

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कितने बूथ

दिल्ली के 2697 स्थानों पर कुल 13,033 मतदान केंद्र होंगे और इनमें से 210 मॉडल मतदान केंद्र होंगे। मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा और मतदान में आसानी के लिए स्वयंसेवक, व्हीलचेयर तथा रैंप बनाए जाएंगे। चुनाव आयोग की तरफ से सभी राजनीतिक दलों को नसीहत दी गई है कि चुनाव प्रचार में भाषा का ख्याल रखें। महिलाओं के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल न करें। राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। दिल्ली विधानसभा में बहुमत के लिए 36 विधायकों की आवश्यकता है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव के तहत 8 फरवरी को मतदान संपन्न हुआ था जबकि मतगणना 11 फरवरी को हुई थी। इस चुनाव में आप ने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से 62 ने जीत दर्ज की थी। इस प्रकार आप ने भारी बहुमत से जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी।

EVM को नहीं किया जा सकता है हैकImage Credit : Election commission05 / 07

EVM को नहीं किया जा सकता है हैक

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को भारत की चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को रेखांकित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों के माध्यम से वोटों की गिनती में एक भी विसंगति नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि मैं आज देश को बताना चाहता हूं। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2019 में दिए गए आदेश के बाद से कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच वीवीपैट की गिनती अनिवार्य है, 67,000 से अधिक वीवीपैट की जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि 4.5 करोड़ से अधिक (वीवीपैट) पर्चियों का सत्यापन किया जा चुका है। और मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि 2019 के बाद से नई मशीनों के साथ एक वोट का अंतर भी नहीं पाया गया है।’’

EVM फुलप्रूफ, हैकिंग असंभवImage Credit : Election commission06 / 07

EVM फुलप्रूफ, हैकिंग असंभव

ईवीएम को लेकर मचाए जा रहे राजनीतिक दलों की तरफ से बवाल पर भी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि "ईवीएम में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। ईवीएम में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का भी सवाल नहीं है। इस मशीन में कोई धांधली भी संभव नहीं है।''

टेक्नोलॉजी के जरिए मतदान पर नजरImage Credit : Election commission07 / 07

टेक्नोलॉजी के जरिए मतदान पर नजर

चुनाव आयोग दिल्ली विधानसभा चुनाव में मोबाइल एप के जरिए कई तरह की सेवा मतदाता को पेश करेगा। जिसमें cVigil- एमसीसी उल्लंघन की रिपोर्ट करने के लिए, सुविधा पोर्टल - राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को अभियान से संबंधित अनुमति के लिए सुविधा प्रदान करने के लिए और VoterHelplineApp - चुनावी जानकारी की खोज को आसान बनाने लिए चुनान के दौरान प्रयोग किया जा सकेगा।

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