भारत का सबसे बड़ा जंगल सुंदर वन, पश्चिम बंगाल में स्थित है। भारतीय सुंदरवन बंगाल की खाड़ी से सटा गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा निर्मित डेल्टा का सबसे दक्षिणी भाग है। मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में, यानी दक्षिण 24-परगना और उत्तर 24-परगना में स्थित है। डैम्पियर-होजेस रेखा सुंदरवन को पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों से अलग करती है।
सुंदरवन गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के संगम पर स्थित है, जहां ये नदियां बंगाल की खाड़ी में मिलने से पहले एक विशाल डेल्टा का निर्माण करती हैं। यह क्षेत्र लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसका 60% हिस्सा बांग्लादेश में और 40% भारत (मुख्यतः पश्चिम बंगाल) में आता है। डेल्टा का अधिकांश हिस्सा मैंग्रोव जंगलों, नदियों, दलदली भूमि और ज्वारीय नालों से भरा हुआ है।
सुंदरवन ऐसा जंगल है, जहां रॉयल बंगाल टाइगर का ठिकाना है। सुंदरवन की एक पहचान रॉयल बंगाल टाइगर के घर के तौर पर भी है। यह जंगल रॉयल बंगाल टाइगर का प्राकृतिक घर है — और ये बाघ किसी आम जंगल के बाघ नहीं हैं। ये दुनिया के सबसे खतरनाक, तैराक, और चतुर शिकारी बाघों में गिने जाते हैं। सुंदरवन का बाघ पानी में तैर सकता है! यह बाघ नदी, दलदल और ज्वारीय धाराओं को पार कर शिकार की तलाश करता है। मैंग्रोव के झाड़ियों और पानी में इन बाघों का रंग और चाल उन्हें लगभग अदृश्य बना देता है। सुंदरवन के बाघ अन्य जगहों के बाघों की तुलना में अधिक आक्रामक माने जाते हैं। वे अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अधिक संवेदनशील होते हैं।
सुंदरवन के अंदर का संसार किसी रहस्यमय और रोमांचक दुनिया जैसा है। यह केवल पेड़ों और पानी का जंगल नहीं, बल्कि जीवन, विविधता और संघर्ष से भरा हुआ एक अद्भुत पारिस्थितिक तंत्र है। यहां कई लुप्तप्राय प्राणियों का घर है। कई दुर्लभ जानवर आपको सुंदरवन में देखने को मिल सकते हैं।
सुंदरवन के अंदर रॉयल बंगाल टाइगर, चीतल (हिरण), जंगली सूअर, भारतीय मछली पकड़ने वाली बिल्ली, लेदरबैक समुद्री कछुए, लुप्तप्राय गंगा डॉल्फिन, खारे पानी में रहने वाले मगरमच्छ, किंग कोबरा, रेसलर साँप, और कई विषैले तथा अविषैले सांप, मोनिटर लिज़र्ड (गोह) रहते हैं। सुंदरवन हजारों प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का घर है, जैसे: सफेद बगुला, जलकौवा, ब्राह्मिनी चील, किंगफिशर, सारस, फ्लेमिंगो (कुछ क्षेत्रों में मौसमी प्रवास के समय)।
सुंदरवन प्राकृतिक रूप से समृद्ध तो है ही, साथ ही यह संरक्षित रहे इसके लिए सरकार भी प्रयास करती रही है। रॉयल बंगाल टाइगर के लिए यहां सुंदरवन टाइगर रिजर्व है। इसके अलावा सुंदरवन बायोस्फीयर रिजर्व, पर्यावरण अध्ययन के लिए रिसर्च केंद्र, इको-टूरिज्म केंद्र, जहां पर्यटक नाव से जंगल का भ्रमण करते हैं।
सुंदरवन तो ऐसे गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना के संगम पर ही है, लेकिन यहां 400 से ज्यादा ज्वारीय नदियां और नाले हैं। ये नदियां गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना से जुड़ी हैं। यहां का पानी खारा और मीठे पानी का मिश्रण होता है।