हमें सभ्यताओं के बीच संवाद की आवश्यकता है, और हमें; बहुसंस्कृतिवाद, विविधता के प्रति सम्मान, सहिष्णुता, विविध आस्थाओं के प्रति सम्मान की आवश्यकता है- डॉ. मनमोहन सिंह
एकता और धर्मनिरपेक्षता सरकार का आदर्श वाक्य होगा, हम भारत में विभाजनकारी राजनीति बर्दाश्त नहीं कर सकते|- डॉ. मनमोहन सिंह
राज्य के मामले में व्यक्ति को भावनाओं से परिपूर्ण रहना पड़ता है, लेकिन कोई व्यक्ति कभी भी भावुक नहीं हो सकता- डॉ. मनमोहन सिंह
मेरा हमेशा से मानना रहा है, कि भारत ईश्वर द्वारा प्रदत्त अपार उद्यमशीलता कौशल वाला देश है- सरदार मनमोहन सिंह
हमारी दृष्टि सिर्फ आर्थिक विकास की नही है, बल्कि एक ऐसे विकास की भी है, जो आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाए- डॉ. मनमोहन सिंह
पूंजीवाद ऐतिहासिक रूप से एक बहुत ही गतिशील शक्ति रहा है और उस बल के पीछे तकनीकी प्रगति, नवाचार, नए विचार, नए उत्पाद, नई प्रौद्योगिकियां और टीमों के प्रबंधन के नए तरीके हैं।- डॉ. मनमोहन सिंह
हारने वाला वह है, जिसने अपने सपनों को छोड़ दिया है, जब तक आप कोशिश कर रहे हैं, आप अभी तक हारे नहीं हैं- डॉ. मनमोहन सिंह
मैं नहीं मानता कि मैं एक कमजोर प्रधानमंत्री रहा हूं.... मैं ईमानदारी से मानता हूं कि इतिहास मेरे प्रति समकालीन मीडिया या संसद में विपक्ष की तुलना में अधिक दयालु होगा.... राजनीतिक मजबूरियों को देखते हुए, मैंने वह सर्वश्रेष्ठ किया है जो मैं कर सकता था। मैंने परिस्थितियों के अनुसार जितना कर सकता था, उतना किया है...मैंने क्या किया है या क्या नहीं किया है, इसका फैसला इतिहास को करना है- डॉ. मनमोहन सिंह
हर दिन प्रधानमंत्री भारत के लोगों का 24 घंटे का सेवक होता है- डॉ. मनमोहन सिंह
हम सभी जानते हैं, कि आज दुनिया में आतंकवाद का केंद्र पाकिस्तान है। विश्व समुदाय को इस कड़वी सच्चाई से रूबरू होना होगा- डॉ. मनमहन सिंह