भारतीय सेना ने पुलवामा हमले के बदले की कसम खाई थी। इस हमले के ठीक 12 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले किए और कई आतंकियों को ढेर किया। 26 फरवरी तड़के 2 से 4 बजे के बीच भारतीय वायुसेना ने बेहद गुप्त अभियान के तहत जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर 1000 किलोग्राम बम गिराए, जिसमें करीब 300 आतंकवादी ढेर हुए।
1971 के युद्ध के बाद पहली बार भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार करके पाकिस्तान के अंदर 65 किलोमीटर तक घुसकर जैश के ट्रेनिंग कैंप को नष्ट कर दिया। इस तरह वायुसेना ने भारतीय जवानों की शहादत का बदला लिया।
बालाकोट एयर स्ट्राइक के अगले दिन हालात तनावपूर्ण बन गए। भारतीय और पाकिस्तानी वायुसेना के बीच हवाई संघर्ष हुआ और इसी दौरान भारतीय वायुसेना के मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराया। लेकिन मिग-21 भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया और विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान पाकिस्तानी सेना की गिरफ्त में आ गए।
लेकिन गिरफ्तारी के बावजूद विंग कमांडर अभिनंदन बिल्कुल नहीं घबराए और अदम्य साहस और धैर्य का परिचय दिया जिसे पूरी दुनिया ने देखा। भारत के भारी दबाव के चलते पाकिस्तान को 1 मार्च 2019 को अभिनंदन को भारत को सौंपना पड़ा। भारत सरकार ने उन्हें वीर चक्र से नवाजा।
भारत के भारी दबाव के बाद पाकिस्तान को अभिनंदन को रिहा करना पड़ा था। पाकिस्तान को इस बात का खौफ था कि कहीं भारत अभिनंदन को लेकर उसपर हमला न कर दे। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने खुलासा किया था कि कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान ने भारत के हमले की डर की वजह से छोड़ा था। ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने 2021 में पाकिस्तान के संसद में यह बयान दिया था।
इस एयर स्ट्राइक की सबसे पहली जानकारी पाकिस्तान के DGISPR ने ट्वीट कर के दी थी। स्ट्राइक की रात पूरे LOC पर भारतीय वायुसेना के विमान कॉम्बेट पेट्रोलिंग कर रहे थे। आज 6 साल बाद भी पुलवामा हमला देश के वीर जवानों के बलिदान की याद दिलाता है। साथ ही बालाकोट एयर स्ट्राइक से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने में देरी नहीं करता।