हरियाणा के मुरथल गांव में देश के सबसे प्रसिद्ध तो महंगे ढाबे हैं। जहां लोग दिन-रात हजारों की तादाद में जाते हैं, इतनी भीड़ के बावजूद भी यहां पर सिर्फ वेज खाना ही मिलता है। देखें मुरथल के ढाबों में क्यो नहीं मिलता नॉन वेज।
दिल्ली NCR ही नहीं बल्कि भारत के सबसे प्रसिद्ध और देश के सबसे महंगे ढाबों की लिस्ट में हरियाणा के मुरथल के ढाबों का नाम आता है। लेकिन इन ढाबों में आपको नॉन वेज नहीं मिलेगा, इसके पीछे की वजह बहुत ही दिलचस्प है। (Photo Credit - AI Image)
अमरिक सुखदेव तो गुलशन ढाबे मुरथल के सबसे प्रसिद्ध ढाबे हैं। अमरिक सुखदेव का तो टर्नओवर ही 100 करोड़ के आस पास का है। लेकिन इतनी प्रसिद्धि के बाद भी यहां के मेन्यू में आपको सिर्फ शाकाहारी चीजें ही मिलेंगी।
मुरथल के ढाबों में हर रोज हजारों लोग आते हैं। सुबह-शाम तो देर रात तक इन ढाबों में जमावड़ा लगा रहता है। बेशक ही यहां पर हर प्रकार का खाना पसंद करने वाले लोग आते हैं, लेकिन यहां सिर्फ वेज खाना ही उपलब्ध होता है।
दुनिया भर में मुरथल अपने पराठों के लिए फेमस है। देसी मक्खन और दही, अचार के साथ यहां बेशक ही वर्ल्ड बेस्ट पराठा, सब्जी सर्व किए जाते हैं।
ऐसे में कई लोगों का सवाल रहता है कि, आखिर इतनी फेमस जगह पर वेज के साथ साथ नॉन वेज खाना क्यों नहीं मिलता है।
मुरथल में नॉन वेज न मिलने के पीछे की वजह वहां के स्थानीय लोगों द्वारा बताई एक कहानी पर आधारित है। ऐसी मान्यता है कि एक संत ने यहां यह श्राप दिया था कि यदि कोई इस स्थान पर नॉनवेज बनाएगा या बेचेगा, तो उसका ढाबा कभी सफल नहीं होगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये संत Baba Kalinath थे, जिनकी बात आज भी मानी जाती है।
इंस्टाग्राम पर Mayannk.Singh नाम के इंफ्लूएंजर ने मुरथल में नॉन वेज न मिलने की कहानी शेयर की। उनका ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। (Photo Credit - Instagram SS/Mayannk.Singh)