भारत के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है। जिसके लिए खाना पहले से तय मेन्यू के हिसाब से बनाया जाता है। अलग-अलग दिनों में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और खिचड़ी जैसी चीजें शामिल की जाती हैं।(AI Image)
बच्चों के लिए स्कूलों में तो कई NGO में बहुत बड़ी मात्रा में खाना तैयार किया जाता है। जिसे बनाने में खास साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है। स्वाद, सफाई के साथ इस खाने में पोषण का भी ख्याल रखते हैं
कई स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण बड़ी मात्रा में आटा गूंथा जाता है। कुछ जगहों पर मशीनों की मदद ली जाती है, जबकि कई स्कूलों में यह काम हाथ से होता है।
जहां बच्चों की संख्या अधिक होती है, वहां बड़े तवे या ऑटोमैटिक रोटी मेकर मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। छोटे स्कूलों में रोटियां हाथ से बेलकर बनाई जाती हैं।
बड़ी संख्या में रोटियां खास रोटी मेकर मशीन में बनाई जाती हैं। जिसमें आटा गूंथ भी जाता है और मशीन खुद रोटी बेलने, सेंकने और तैयार करने का काम करती है।
मशीन से रोटी बनाने में साफ-सफाई बनी रहती है। इस मशीन में आटा डालने के बाद तैयार फुली फुली रोटियां ही बाहर निकलती हैं। जिन्हें सीधा परोसा जाता है।
इस तरह की रोटी मेकिंग मशीन में एक साथ करीब करीब 1 घंटे में 500 से 2000 तक रोटियां बनाई जा सकती हैं। हालांकि ये इस पर भी निर्भर करता है कि, मशीन कितनी बड़ी है।