कोल्ड ड्रिंक या किसी सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल पर ‘जीरो शुगर’ लिखा देखकर क्या आप इसे बेफिक्र होकर पी लेते हैं? क्या इसमें सच में चीनी बिल्कुल नहीं होती? मिठास आती कहां से है और क्या रोज पीना सही है?
जीरो शुगर का मतलब यह नहीं कि ड्रिंक में कोई भी मीठा पदार्थ नहीं है। ऐसी सॉफ्ट ड्रिंक्स में आमतौर पर चीनी की जगह कम या बिना कैलोरी वाले मिठास देने वाले पदार्थ इस्तेमाल किए जाते हैं।
कई जीरो शुगर सॉफ्ट ड्रिंक्स में थोड़ी सी मात्रा में मीठा स्वाद देने वाले एलीमेंट्स एड किए जाते हैं। हालांकि ये सीधी चीनी नहीं होती हैय़
जरूरी नहीं कि हर प्रोडक्ट बिल्कुल जीरो कैलोरी वाला हो। लेकिन कई जीरो शुगर कोल्ड ड्रिंक्स में सामान्य मीठी सॉफ्ट ड्रिंक की तुलना में कैलोरी काफी कम होती है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति चीनी और कैलोरी कम करना चाहता है, तो यह विकल्प हो सकता है।
भले ही ये ड्रिंक्स बाकियों की तुलना में थोड़ी सी हेल्दी हो। लेकिन इसे रोज पीना गलत हो सकता है।
अगर तुलना सामान्य चीनी वाली सॉफ्ट ड्रिंक और जीरो शुगर विकल्प के बीच हो, तो जीरो शुगर वाला विकल्प चीनी और कैलोरी कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे दिनभर पीते रहना ठीक है। मात्रा यहां भी मायने रखती है।
सिर्फ सामने लिखे ‘जीरो शुगर’ पर भरोसा करने के बजाय पीछे का पोषण लेबल भी देखना अच्छा है। उसमें कुल कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी और इस्तेमाल किए गए मिठास देने वाले पदार्थों की जानकारी मिल सकती है। अलग-अलग उत्पादों की सामग्री अलग हो सकती है।
अगर आपको कभी-कभार ठंडी सॉफ्ट ड्रिंक पीने का मन करता है, तो जीरो शुगर विकल्प चीनी वाली ड्रिंक की तुलना में एक विकल्प हो सकता है। लेकिन पानी, नींबू पानी या बिना चीनी वाले पेय को रोज की आदत बनाना ज्यादा बेहतर रहेगा।