बदलते मौसम में कई लोगों को सुबह उठते ही या शाम ढलने के बाद खांसी परेशान करने लगती है। कभी गले में खराश महसूस होती है, तो कभी बार-बार खांसने से नींद और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 ट्रिगर्स, जो सुबह-शाम खांसी बढ़ा सकते हैं।
सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट आ सकती है। ठंडी या शुष्क हवा कुछ लोगों की सांस की नलियों को संवेदनशील बनाकर खांसी बढ़ा सकती है। खासकर अस्थमा से पीड़ित लोगों को इस दौरान परेशानी अधिक महसूस हो सकती है।
बदलते मौसम में धूल, धुआं और हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व गले में जलन पैदा कर सकते हैं। सुबह घर की सफाई करते समय उड़ने वाली धूल या शाम को बाहर निकलने पर प्रदूषण के संपर्क में आने से भी खांसी बढ़ सकती है।
अगर खांसी के साथ बार-बार छींक आती है, नाक में खुजली होती है या आंखों से पानी निकलता है, तो इसकी वजह एलर्जी हो सकती है। धूल के कण, परागकण और घर में मौजूद धूल के कण (डस्ट माइट्स) इसके संभावित ट्रिगर्स हैं।
कुछ लोगों को सुबह उठते ही खांसी या गला साफ करने की जरूरत महसूस होती है। इसकी एक वजह नाक से निकलने वाले म्यूकस का गले के पीछे की ओर बहना हो सकता है, जिसे पोस्टनेजल ड्रिप कहते हैं। यह समस्या एलर्जी या नाक की सूजन के कारण भी हो सकती है।
रात में लेटने पर कुछ लोगों में पेट का एसिड भोजन नली की ओर आ सकता है, जिससे गले में जलन और खांसी हो सकती है। वहीं, अस्थमा में भी रात और सुबह के समय खांसी बढ़ सकती है। यदि बार-बार ऐसा हो, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराएं।
अगर खांसी लगातार बनी रहे, बढ़ती जाए या उसके साथ बुखार, घरघराहट अथवा सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। सांस लेने में गंभीर कठिनाई, तेज सीने में दर्द या खून वाली खांसी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सुबह-शाम खांसी बढ़ने को मामूली समस्या मानकर नजरअंदाज न करें, खासकर जब यह बार-बार हो रही हो।