सर्दियों का मौसम है। इस दौरान लोग जब तक दिनभर में 3-4 कप चाय न पी लें, तो उनका दिन नहीं बनता है। लेकिन चाय पीने के साथ एक समस्या काफी देखने को मिलती है, बहुत से लोगों के पेट में चाय पीकर गैस बनने लगती है। इससे पेट फूल जाता है, मतली, अपच, सीने में जलन और कब्ज जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, अगर आप अपनी चाय में कुछ देसी चीजें मिला लें, तो इससे आपकी चाय हेल्दी बन जाती है? ऐसी कुछ चीजें हैं जिन्हें अगर आप चाय बनाते समय डाल लें तो चाय आंतो को नुकसान नहीं पहुंचाती है। आपका डाजेशन भी प्रभावित नहीं होता है। यहां देखें कुछ ऐसी ही चीजें...
अपनी चाय में थोड़ी सी सौंफ डालने से पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। सौंफ डाइजेशन के लिए बहुत अच्छी होती है। यह आपकी चाय को एक बेहतरीन सुगंध और स्वाद भी प्रदान करती है।
यह भी एक सूथिंग मसाला है। यह चाय को एक अद्भुत स्वाद देती है। चाय पकाते में 1-2 इलायची डालने से यह आंतों को नुकसान से बचाती है। यह पेट की गैस और ब्लोटिंग से बचाव में मदद करती है।
जब आप चाय बनाते समय लौंग भी डालते हैं, तो यह यह चाय आपके गले को बहुत आराम देती है। इससे गले की खराश और सूजन कम होती है। सर्दी-जुकाम में भी यह बहुत लाभकारी होती है। लेकिन आपको बता दें कि पेट की गैस से बने के लिए भी आप चाय में लौंग डाल सकते हैं।
यह एक एंटी-इन्फेलमेटरी मसाला है जो आतों की सूजन को कम करता है। इसमे पाचन एंजाइम्स भी होते हैं, जो डाइजेशन को खराब होने से बचाते हैं। इसे चाय में डालने से आपको आंतों को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
चाय में तुलसी की पत्तियां डालने से चाय औषधीय गुणों से भर जाती है। इसे पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और आंतों को भी आराम मिलता है। यह सर्दी-जुकाम और अन्य वायरल समस्याओं में लाभकारी है। यह आपके डाइजेशन को भी दुरुस्त रखती है।