गर्मी के दिनों में जब फल खाने की बात आती है तो लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है - आज आम खाएं या तरबूज? दोनों ही फल स्वाद में जबरदस्त हैं और मौसम का मजा दोगुना कर देते हैं। लेकिन अगर आप सेहत को लेकर थोड़ा सतर्क रहते हैं, खासकर ब्लड शुगर को लेकर, तो ये फैसला थोड़ा मुश्किल हो जाता है। कई लोग मानते हैं कि आम शुगर बढ़ा देता है, जबकि तरबूज को ज्यादा सुरक्षित समझा जाता है। असल में सच्चाई थोड़ी अलग है। इस आर्टिकल में हम आपको आसान और सीधी भाषा में समझाएंगे कि इन दोनों में से कौन आपके शरीर के लिए ज्यादा सही है।
आम और तरबूज दोनों ही अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं। आम में विटामिन A और C अच्छी मात्रा में मिलता है, जो आंखों और इम्युनिटी के लिए बढ़िया है। वहीं तरबूज पानी से भरपूर होता है, जिससे शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है। यानी दोनों ही फल शरीर को अलग-अलग तरह से फायदा पहुंचाते हैं।
अगर सीधे तौर पर कहें तो तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, मतलब ये जल्दी शुगर बढ़ा सकता है। लेकिन इसमें शुगर की मात्रा कम होती है, इसलिए असर ज्यादा देर तक नहीं रहता। वहीं आम में शुगर ज्यादा होती है, इसलिए अगर ज्यादा खा लिया जाए तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। यही वजह है कि दोनों को संतुलित मात्रा में खाना जरूरी है।
डायबिटीज के मरीजों को दोनों ही फलों से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। तरबूज को थोड़ी मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह हल्का होता है। वहीं आम भी खा सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। कोशिश करें कि इसे अकेले खाने के बजाय खाने के साथ मिलाकर खाएं, ताकि शुगर धीरे-धीरे बढ़े।
इस मामले में तरबूज साफ तौर पर आगे है। इसमें पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर को तुरंत ठंडा करता है। आम स्वाद और एनर्जी जरूर देता है, लेकिन तरबूज जैसी ठंडक नहीं दे पाता। इसलिए तेज गर्मी में तरबूज ज्यादा राहत देता है।
तरबूज हल्का होता है और आसानी से पच जाता है, इसलिए पेट पर ज्यादा भारी नहीं पड़ता। वहीं आम थोड़ा भारी होता है, और ज्यादा खाने पर पेट में गड़बड़ी हो सकती है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो तरबूज बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
सच कहें तो आम और तरबूज दोनों ही अच्छे हैं, बस खाने का तरीका सही होना चाहिए। अगर आपको शरीर को ठंडा रखना है, तो तरबूज चुनें। और अगर स्वाद के साथ पोषण चाहिए, तो आम भी खा सकते हैं। बस ध्यान रखें कि फल की मात्रा सीमित हो, तभी ये फल आपकी सेहत के दोस्त बनेंगे।
प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।