कैलाश खेर ने अपनी आवाज से मोहब्बत, दर्द और भक्ति के अनगिनत गीत गाए हैं। उनके गानों में हर लफ्ज इतना गहरा होता है कि सुनते ही सीधे दिल को छू जाता है। अब तक उन्होंने करीब 700 गानों में अपनी मखमली आवाज दी है। 'अल्लाह के बंदे हंस दे', 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों', 'बम लहरी', 'चल लेन दे', 'सैयां', 'दामाद जी अंगना पधारो' और 'रब्बा इश्क ना होवे' जैसे गीतों से उन्होंने करोड़ों दिलों पर राज किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से एक ऐसा गाना भी है, जिसे लोग रोमांटिक समझते हैं, जबकि वो असल में मौत का जश्न है।
सिंगर कैलाश खेर का ये गाना हर शादी में जरूर बजता है। कैलाश खेर के इस गाने पर शादी में दुल्हन एंट्री करती है। इस गाने ने सोशल मीडिया पर भी धूम मचा रखी है। इसे सोशल मीडिया पर शादी में दुल्हन की एंट्री का एंथम कहा जाता है।
कैलाश खेर के इस गाने के मलतब को आज तक लोग समझ नहीं पाए है। जिस गाने के बारे में हम आपको बताने वाले हैं, वो कोई रोमांटिक गाना नहीं बल्कि मौत का जश्न है।
सिंगर कैलाश खेर के इस गाने का नाम है आज मेरे पिया घर आवेंगे। इस गाने को लोग दुल्हन से जोड़कर देखते हैं। लेकिन इस गाने को दुल्हन के लिए गाया ही नहीं गया है।
ये गीत आत्मा और परमात्मा के मिलन की खूबसूरत कहानी बयां करता है। गाने की शुरुआती पंक्ति है – 'हे री सखी मंगल गाओ री, धरती अंबर सजाओ री, आज उतरेगी पी की सवारी'। इसका मतलब है कि जो आत्मा अब शरीर छोड़ चुकी है, वो बेहद खुशी और उत्साह से अपने 'पी' यानी परमात्मा से मिलने जा रही है। आत्मा खुद को सजा रही है, अपने सारे बुरे कर्मों से मुक्त हो रही है और पूरी तैयारी के साथ अपने प्रियतम से मिलने को बेचैन है।
कैलाश खेर कहा कि एक दिन उनके पिता बहुत जोश में हरे राम और भगवान के भजन गुनगुना रहे थे। आवाज इतनी तेज थी कि सामान्य नहीं लग रहा था। वे पूरी तरह भगवान में डूबे हुए थे, मुंह पर बस भगवान का नाम था। कैलाश ने चिंता में पूछा, 'पिताजी, आप ठीक तो हैं?' लेकिन अगले ही पल उनके पिता ने प्राण त्याग दिए। फिर भी उनके चेहरे पर एक अनोखी शांति और खुशी थी। मानो वे अपने प्रियतम से जा मिले हों। उसी पल ये गाना उनके मन में आया था।
कैलाश खेर ने इस गाने के पीछे की असली प्रेरणा खुद बताई। इस गाने की प्रेणा उन्हें मृत्यु से मिली थी। इसका खुलासा खुद कैलाश खेर ने बताया था।