कैलाश खेर का 5 मिनट 44 सेकंड का वो गाना जो बन गया दुल्हन की एंट्री का एंथम, असल में है मौत का जश्न!

Piya Ghar Aavenge Song Story: कैलाश खेर के कई गाने आते ही छा गए हैं। लेकिन आज हम आपको उस गाने के बारे में बताने वाले हैं जिसका आज भी लोग गलत मतलब समझते है। इस गाने को आपने जरूर शादी में दुल्हन की एंट्री पर सुना होगा। तो चलिए जानते हैं इस गाने का असली मतलब क्या है।

Authored by: अभयUpdated Mar 13 2026, 13:23 IST
लोगों को नहीं पता कैलाश खेर के इस गाने का मतलबImage Credit : Sony Music India/ Youtube01 / 07

लोगों को नहीं पता कैलाश खेर के इस गाने का मतलब

कैलाश खेर ने अपनी आवाज से मोहब्बत, दर्द और भक्ति के अनगिनत गीत गाए हैं। उनके गानों में हर लफ्ज इतना गहरा होता है कि सुनते ही सीधे दिल को छू जाता है। अब तक उन्होंने करीब 700 गानों में अपनी मखमली आवाज दी है। 'अल्लाह के बंदे हंस दे', 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों', 'बम लहरी', 'चल लेन दे', 'सैयां', 'दामाद जी अंगना पधारो' और 'रब्बा इश्क ना होवे' जैसे गीतों से उन्होंने करोड़ों दिलों पर राज किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से एक ऐसा गाना भी है, जिसे लोग रोमांटिक समझते हैं, जबकि वो असल में मौत का जश्न है।

हर शादी में बजता है ये गानाImage Credit : Sony Music India/ Youtube02 / 07

हर शादी में बजता है ये गाना

सिंगर कैलाश खेर का ये गाना हर शादी में जरूर बजता है। कैलाश खेर के इस गाने पर शादी में दुल्हन एंट्री करती है। इस गाने ने सोशल मीडिया पर भी धूम मचा रखी है। इसे सोशल मीडिया पर शादी में दुल्हन की एंट्री का एंथम कहा जाता है।

ये कोई रोमांटिक गाना नही हैImage Credit : Sony Music India/ Youtube03 / 07

ये कोई रोमांटिक गाना नही है

कैलाश खेर के इस गाने के मलतब को आज तक लोग समझ नहीं पाए है। जिस गाने के बारे में हम आपको बताने वाले हैं, वो कोई रोमांटिक गाना नहीं बल्कि मौत का जश्न है।

ये है गाने का नामImage Credit : Sony Music India/ Youtube04 / 07

ये है गाने का नाम

सिंगर कैलाश खेर के इस गाने का नाम है आज मेरे पिया घर आवेंगे। इस गाने को लोग दुल्हन से जोड़कर देखते हैं। लेकिन इस गाने को दुल्हन के लिए गाया ही नहीं गया है।

ये है गाने का मतलबImage Credit : Sony Music India/ Youtube05 / 07

ये है गाने का मतलब

ये गीत आत्मा और परमात्मा के मिलन की खूबसूरत कहानी बयां करता है। गाने की शुरुआती पंक्ति है – 'हे री सखी मंगल गाओ री, धरती अंबर सजाओ री, आज उतरेगी पी की सवारी'। इसका मतलब है कि जो आत्मा अब शरीर छोड़ चुकी है, वो बेहद खुशी और उत्साह से अपने 'पी' यानी परमात्मा से मिलने जा रही है। आत्मा खुद को सजा रही है, अपने सारे बुरे कर्मों से मुक्त हो रही है और पूरी तैयारी के साथ अपने प्रियतम से मिलने को बेचैन है।

पिता की मौत के बाद गाया था गानाImage Credit : Sony Music India/ Youtube06 / 07

पिता की मौत के बाद गाया था गाना

कैलाश खेर कहा कि एक दिन उनके पिता बहुत जोश में हरे राम और भगवान के भजन गुनगुना रहे थे। आवाज इतनी तेज थी कि सामान्य नहीं लग रहा था। वे पूरी तरह भगवान में डूबे हुए थे, मुंह पर बस भगवान का नाम था। कैलाश ने चिंता में पूछा, 'पिताजी, आप ठीक तो हैं?' लेकिन अगले ही पल उनके पिता ने प्राण त्याग दिए। फिर भी उनके चेहरे पर एक अनोखी शांति और खुशी थी। मानो वे अपने प्रियतम से जा मिले हों। उसी पल ये गाना उनके मन में आया था।

​कैलाश खेर ने खोला था गाने का राजImage Credit : Sony Music India/ Youtube07 / 07

​कैलाश खेर ने खोला था गाने का राज

कैलाश खेर ने इस गाने के पीछे की असली प्रेरणा खुद बताई। इस गाने की प्रेणा उन्हें मृत्यु से मिली थी। इसका खुलासा खुद कैलाश खेर ने बताया था।

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