बिहार कई महान व्यक्तियों की जन्मभूमि रही है। बिहार में पैदा होने वाले लोगों ने विज्ञान, उद्योग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई बड़े काम किए हैं। इन्हीं में एक नाम है दरभंगा जिले में पैदा होने वाले प्रोफेसर हरीश च्रंद्र वर्मा का। कहते हैं कोई भी IITian बिना इनकी किताब पढ़े इंजीनियर नहीं बन सकता।
डॉ एचसी वर्मा को साल 2021 में विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने के लिए पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया है। प्रोफेसर वर्मा बताते हैं कि जब वह 14 साल के थे तो पढ़ाई में मन लगाने के लिए उनकी मां ठेकुआ का लालच देती थीं।
प्रोफेसर एचसी वर्मा बताते हैं कि उनकी माताजी खुद पढ़ी-लिखी नहीं थीं, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए बहुत मेहनत किए। एकबार उन्होंने ठेकुए बनाए और शीशे के जार में भरकर रख दिया। इसके बाद कहा कि एक घंटा मन लगाकर पढ़ोगे तो ठेकुआ मिलेगा। यही प्रोफेसर वर्मा के जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ और पढ़ाई में उनका मन लगने लगा।
डॉ एचसी वर्मा ने पटना से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद GATE परीक्षा क्वालीफाई की और आईआईटी कानपुर में MSc कोर्स में एडमिशन लिया। एमएससी करने के बाद उन्होंने यहीं से डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद डॉ एचसी वर्मा ने पटना साइंस कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर दिया। बाद में वह आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर बनें।
प्रोफेसर एचसी वर्मा ने 'Concept of Physics' नामक किताब लिखी है। उनकी ये किताब देश के टॉप IITs और NITs में पढ़ाई जाती है। उनकी यह किताब आसान भाषा में फिजिक्स को समझने के लिए बेस्ट है। यही वजह है कि वो हर IITian के फेवरेट राइटर हैं।
प्रोफेसर एचसी वर्मा ने जब देखा कि छात्र फिजिक्स की जटिल भाषा को समझ नहीं पा रहे हैं तो उन्होंने किताब लिखने का मन बनाया। करीब 8 साल की मेहनत के बाद 'Concept of Physics' नामक किताब लिखी। एक इंटरव्यू में प्रोफेसर वर्मा दावा करते हैं कि फिजिक्स तीन साल के बच्चे को भी आता है।