भारत एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत में न्यूक्लियर अटैक का बटन किसके पास है। पक्का है आप भी इस सवाल का जवाब नहीं जानते होंगे।
बता दें फिल्मों की तरह भारत में किसी एक शख्स के पास न्यूक्लियर अटैक का बटन नहीं होता है। भारत में परमाणु हथियारों के उपयोग से जुड़ा फैसला एक सुव्यवस्थित और सुरक्षित प्रणाली के तहत लिया जाता है।
भारत की परमाणु नीति का संचालन एनसीए यानी न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी (Nuclear Comand Authority) के माध्यम से होती है। यह सर्वोच्च संस्था किसी भी देश पर परमाणु हमले का फैसला ले सकती है।
न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी के दो प्रमुख हिस्से होते हैं। जिसमें पहला पॉलिटिकल काउंसिल (राजनीतिक परिषद) और दूसरा एग्जीक्यूटिव काउंसिल शामिल होता है। यहां सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पॉलिटिकल काउंसिल की होती है, जिसकी अध्यक्षता देश के प्रधानमंत्री करते हैं।
परमाणु हमला करने का फैसला किसी एक बटन दबाने से नहीं बल्कि कई स्तरों पर विचार विमर्श और सुरक्षा जांच के बाद लिया जाता है।
प्रधानमंत्री के अलावा इस परिषद में गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होते हैं।
वहीं आपको बता दें कि भारत की परमाणु नीति नो फर्स्ट यूज (No First Use) पर आधारित है। इसका मतलब साफ है कि भारत पहले किसी देश पर परमाणु हमला नहीं करेगा, लेकिन यदि कोई देश भारत पर परमाणु हमला करता है तो भारत जवाब देने का अधिकार रखता है।