अक्सर जब भारत की प्राचीनता और पवित्रता की बात होती है, तो हमारे जेहन में सबसे पहला नाम 'गंगा' का आता है। अधिकांश लोग यह मानते हैं कि भारत की सबसे प्राचीन या 'बुजुर्ग' नदी गंगा ही है। लेकिन यदि हम भूगर्भीय इतिहास को देखें, तो असलियत कुछ और ही है। गंगा भारत की सबसे प्राचीन नदी नहीं है।
गंगा या यमुना नहीं, भारत की सबसे पुरानी और 'बुजुर्ग नदी' के तौर पर मध्य प्रदेश में बहने वाली नर्मदा नदी को जाना जाता है।
माना जाता है कि यह गंगा-यमुना जैसी हिमालयी नदियों से भी अधिक पुरानी है। नर्मदा नदी की उम्र लगभग 16 करोड़ साल मानी जाती है।
भूवैज्ञानिक दृष्टीकोण के अनुसार, नर्मदा सबसे पुरानी और बुजुर्ग नदी है। लेकिन पौराणिक दृष्टिकोण से लुप्त हुई सरस्वती नदी को सबसे प्राचीन नदी के तौर पर जाना जाता है, क्योंकि इसका जिक्र कई पौरााणिक कथाओं और वेदों में मिलता है।
बता दें कि भारत की सबसे पुरानी और बुजुर्ग नर्मदा नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के अमरकंटक पठार (मैकाल पर्वतमाला) से होता है, जो विंध्य और सतपुड़ा पहाड़ियों के मिलन बिंदु पर स्थित है। यह भारत की प्रमुख पश्चिम-प्रवाहित नदियों में से एक है और अरब सागर में गिरती है।
नर्मदा नदी सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि इसे "मध्य प्रदेश और गुजरात की जीवन रेखा" कहा जाता है।