हमारे देश की अर्थव्यवस्था और तरक्की में गांवों का बहुत अहम योगदान है। यूं ही नहीं कहा जाता कि देश की आत्मा इन्हीं गांवों में बसती है।
मगर एक गांव ऐसा है, जो देश को सबसे ज्यादा फौजी देने के लिए जाना जाता है। इस गांव से इंडियन आर्मी में 12,000 से भी ज्यादा आर्मी के जवान तैनात हैं।
इस गांव की पीढ़ियां प्रथम विश्व युद्ध से लेकर आज तक भारतीय सेना में अपना योगदान देती आ रही हैं। इस गांव से लगभग हर घर से एक सदस्य सेना में रहकर देश की सेवा कर रहा है।
ये गांव है उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित गहमर गांव। इस गांव को फौजियों का गढ़ या फिर सैनिकों का गांव भी कहते हैं। इस गांव की खास सैन्य परंपरा इसे अन्य गांवों से काफी अलग बनाती है।
देश को सबसे ज्यादा जवान देने वाला ये गांव एशिया का सबसे बड़ा गांव है। गहमर की मिट्टी, हवा और पानी भी अपने अंदर देशभक्ति की एक भावना समेटे हुए है।
इस गांव की कुल आबादी 1 लाख 20 हजार है। ये 8 वर्ग मील में फैला हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1530 में कुसुम देव राव ने सकरा डीह नामक स्थान पर गहमर गांव को बसाया था। इसी गांव में प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर भी है।