व्हाइट कॉलर जॉब का मतलब ऐसी नौकरियों से है जो आम तौर पर ऑफिस के अंदर बैठकर की जाती हैं। इन नौकरियों में शारीरिक मेहनत (Physical work) के मुकाबले दिमाग काम (Mental Work) अधिक होता है।
व्हाइट कॉलर जॉब को हिंदी में 'सफेदपोश' नौकरी भी कहते हैं क्योंकि यह संपन्नता और शालीन प्रोफेशनल लाइफ का प्रतीक मानी जाती हैं।
इस श्रेणी में डॉक्टर/सर्जन, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर, फार्मासिस्ट, वकील (Lawyer), जज (Judge), प्रोफेसर/शिक्षक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर/डेवलपर, डाटा एनालिस्ट, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), बैंक मैनेजर, फाइनेंशियल एडवाइजर, इन्वेस्टमेंट बैंकर, ऑफिस मैनेजर, ह्यूमन रिसोर्स (HR) मैनेजर, प्रोजेक्ट मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, काउंसलर, मार्केटिंग मैनेजर, कंटेंट राइटर/एडिटर, ग्राफिक डिजाइनर, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर शामिल है।
पहले छात्र तय करें कि वह ऊपर दी गई लिस्ट में से क्या करना चाहते हैं। फिर उसके अनुसार, मैनेजमेंट, मेडिकल, सीए, डिजाइनिंग, एडमिनिस्ट्रेशन, मैनेजमेंट, कोडिंग और डाटा एनालिस्ट आदि की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
बता दें कि हर सफेद रंद की यूनिफार्म व्हाइट कॉलर ज़ॉब में शामिल नहीं होती है। उदाहरण के लिए Chef की यूनिफॉर्म भले ही सफेद हैं, लेकिन उनका काम मानसिक और शारीरिक दोनों का मिश्रण है, यही कारण है कि इसे ग्रे कॉलर जॉब में रखा जाता है।
बता दें कि व्हाइट कॉलर जॉब में मानसिक काम अधिक होता है, इसलिए इसमें कम्युनिकेशन स्किल और टेक्निकल स्किल होना सबसे जरूरी होता है।
बता दें कि व्हाइट के साथ, ब्ल्यू, ग्रे, पिंक कॉलर जॉब भी होती हैं। हर जॉब को अलग-अलग रंग की श्रेणी में उनके कामों को ध्यान में रखते हुए रखा गया है।