ट्रेन से रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। मगर ट्रेन की कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनके बारे में लोगों को नहीं मालूम होता। आज हम आपको ट्रेन से जुड़ी ऐसी ऐसी बात बताएंगे, जो आपने नोटिस तो हमेशा की होगी मगर आप इसके बारे में जानते नहीं होंगे।
क्या आपने ट्रेन में सफर करते हुए साइड में लगे एल्युमिनियम बॉक्स को देखा है? अकसर ये बॉक्स आपको ट्रेन में यात्रा करते हुए साइड में दिखे होंगे। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि इन बॉक्स का मतलब क्या है? और क्यों ये बक्से रेलवे ट्रैक के साइड पर लगे होते हैं? चलिये आपको बताते हैं।
बता दें कि इस एल्युमिनियम के डिब्बे का बेहद खास रोल होता है। डिब्बा ट्रेन के डिब्बों की गिनती करता है और साथ ही ट्रेन की दिशा भी बताता है। इसके अलावा ये बताता है कि ट्रेन कितनी स्पीड से चल रही है।
एक्सल काउंटर बॉक्स दुर्घटना को रोकने में खासतौर पर मदद करता है इसे हर तीन से लेकर पांच किलोमीटर की दूरी पर लगाया जाता है। इस बॉक्स के अंदर एक तरह की स्टोरेज डिवाइस होती है, जो कि सीधे ट्रेन की पटरियों से जुड़ी हुई होती है। जब ट्रेन गुजरती है तो ये बॉक्स ट्रेन के एक्सल को तुरंत गिन लेते हैं।
अगर किसी एक्सीडेंट की वजह से या फिर टेक्निकल फॉल्ट के चलते ट्रेन या फिर कोई कोच पीछे छूट जाता है तो ये बॉक्स तुरंत ही ये जानकारी अगले बक्से तक पहुंचा देता है। अगला बॉक्स सिग्नल को रेड कर देता है, जिससे कि ट्रेन रुक जाती है। साथ ही ये बॉक्स ये भी पता लगाने में मदद करते हैं कि वे कहां छूटे हुए हैं। ये ट्रेन की दिशा और स्पीड को भी रिकॉर्ड करता है।
इस डिब्बे को रेलवे की आंख भी कहा जाता है और इसके पीछे बहुत सारी वजहें जिम्मेदार हैं। जिस तरह से ये एल्युमिनियम का बॉक्स ट्रेन को दुर्घटनाओं से बचाता है, इसका रोल बेहद ही अहम है।