सागर-महासागर का नाम सभी ने सुना है, लेकिन मृत सागर के बारे में अधिकांश लोगों को नहीं पता है। जी, दुनिया में एक मृत सागर भी है, जिसमें एक भी मछली या पौधे जीवित नहीं रह पाते। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस सागर में जीवन का अभाव है। इसलिए इसे मृत सागर कहा जाता है।
एक सागर के मृत होने का मुख्य कारण उसमें नमक की अत्यधिक मात्रा है। जल में नमक की अधिक मात्रा के कारण इसमें जलीय जीवन समाप्त हो जाता है, इसलिए इसे मृत सागर कहा जाता है।
समुद्र का पानी खारा नदियों द्वारा बहाकर लाए गए खनिजों और लवणों के कारण होता है। वाष्पीकरण की प्रक्रिया के दौरान शुद्ध पानी भाप में बदल जाता है, जिसके कारण पानी में खनिज की मात्रा बढ़ती जाती है और वह खारा होता जाता है।
मृत सागर महासागर की तुलना में अधिक खारा होता है। इससे पीछे की वजह इसका भौगोलिक स्थान, अत्यधिक वाष्पीकरण और पानी के निकास का अभाव है। एक बंद जलाशय के कारण यह अधिक खारा होता है, क्योंकि इसमें नदी का पानी आता तो है, लेकिन बाहर निकलता नहीं है।
दुनिया का इकलौता मृत सागर मिडिल ईस्ट में इजरायल और जॉर्डन के बीच स्थित है। यह समुद्र तल से लगभग 430 से 440 मीटर नीचे है।
आमतौर पर आप किसी समुद्र में नदी में डूब सकते हैं, लेकिन मृत सागर एक मात्र ऐसा स्थान है, जहां पानी में कोई डूब नहीं सकता है। बता दें कि उच्च घनत्व के कारण यहां इंसान तैरता रहता है डूब नहीं सकता।