किस देश ने परमाणु बम बनाकर खुद कर दिया था नष्ट, जानें कारण

वर्तमान में नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं: रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, पाकिस्तान, भारत, इजराइल और उत्तर कोरिया। इन देशों के पास कुल मिलाकर हजारों की संख्या में परमाणु वॉरहेड हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा 90% रूस और अमेरिका के पास हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा भी देश है, जिसने न्यूक्लियर वेपन बनाया भी और उसे नष्ट कर दिया?

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Apr 13 2026, 15:30 IST
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किस देश ने परमाणु बम बनाकर खुद कर दिया था नष्ट, जानें कारण

राष्ट्रपति फ्रेडरिक विलियम डी क्लार्क ने अपने यहां संसद में दिए भाषण में देश और दुनिया को बताया था कि दक्षिण अफ्रीका ने छह परमाणु बम बना लिए हैं। लेकिन उन्होंने ये भरोसा भी दिया कि ये बम नष्ट कर दिए गए हैं और सैन्य जरूरतों के लिए देश का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

दक्षिण अफ्रीका एनटीपी का हिस्सा02 / 06

दक्षिण अफ्रीका एनटीपी का हिस्सा

दक्षिण अफ्रीका जुलाई 1991 में संयुक्त राष्ट्र की NTP (न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी) का हिस्सा बन गया था। डी क्लार्क ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी इंटरनेशनल एटॉमिक इनर्जी ऑर्गेनाइजेशन (आईएईए) को अपने परमाणु स्थल तक पहुंचने की खुली छूट दी, ताकि उनके दावों की जांच-पड़ताल की जा सके। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका ऐसा एकमात्र देश बन गया, जिसने NTP का हिस्सा बनने से पहले परमाणु हथियार पूरी तरह नष्ट कर दिए।

दक्षिण अफ्रीका ने खुद नष्ट किए अपने परमाणु बम03 / 06

दक्षिण अफ्रीका ने खुद नष्ट किए अपने परमाणु बम

अब सवाल ये आता है, कि जहां एक ओर ईरान जैसे देश परमाणु हथियार बनाने के पीछे पड़ गए हैं, ताकि वे भी सुपर पावर कहलाएं और दुनिया के बाकी देश उनसे आंख मिलाकर न देख पाएं, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने परमाणु बम नष्ट करने का फैसला लिया होगा?

एटॉमिक एनर्जी बोर्ड की स्थापना 04 / 06

एटॉमिक एनर्जी बोर्ड की स्थापना

दक्षिण अफ्रीका ने 1948 में कानून बनाकर एटॉमिक एनर्जी बोर्ड की स्थापना की, जिसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा में संभावनाएं तलाशना था। 1960 के शुरुआती सालों में दक्षिण अफ्रीका ने शोध और विकास गतिविधियां शुरू कीं और राजधानी प्रिटोरिया से करीब 40 किमी दूर पेलिंडाबा परमाणु प्लांट स्थापित किया। बता दें, दक्षिण अफ्रीका के पास यूरेनियम का भंडार भी है। यूरेनियम संवर्धन तकनीक ही परमाणु हथियार विकसित करने में अहम भूमिका निभाती है।

कब नष्ट किए अपने परमाणु हथियार05 / 06

कब नष्ट किए अपने परमाणु हथियार

दक्षिण अफ्रीका ने 1990 के दशक की शुरुआत में अपने सभी परमाणु हथियारों को नष्ट कर दिया था। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अलगाव को समाप्त करना, विदेशी संबंधों को बेहतर बनाना और आने वाली लोकतांत्रिक सरकार को परमाणु हथियारों का जखीरा विरासत में मिलने से रोकना था। जैसे ही देश में रंगभेद (Apartheid) का अंत हुआ और शीत युद्ध समाप्त हुआ। वहां मूल सुरक्षा संबंधी आशंकाएं और क्षेत्रीय खतरे भी खत्म हो गए। जिनके कारण यहां परमाणु हथियार अनावश्यक महसूस किए गए।

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राष्ट्रपति डी क्लार्क के मुताबिक परमाणु हथियार खत्म करने का कारण 1980 के अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात से भी जुड़ा है। संसद में अपने भाषण में उन्होंने अंगोला में संघर्ष विराम, क्यूबा के 50 हजार सैनिकों की अंगोला से वापसी और नामीबिया की आजादी के लिए तीन पक्षों के समझौते का जिक्र किया था इसके अलावा उन्होंने बर्लिन की दीवार के गिरने, शीत युद्ध के समाप्त होने और सोवियत ब्लॉक के टूटने का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा था कि इन हालात में परमाणु निरोध ना सिर्फ जरूरी हो गया था बल्कि वास्तव में यह दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए अवरोधक बन गया था।

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