कई छात्र इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ ही उस मुकाम तक पहुंच पाते हैं जहां मेहनत और जुनून इतिहास बना देते हैं। ऐसी ही एक कहानी है 17 वर्षीय आदित्य गुप्ता की, जिन्होंने JEE Main 2026 में पूरे 100 परसेंटाइल हासिल कर अपनी अलग पहचान बना ली।
आदित्य का सफर इसलिए खास है क्योंकि वह ऐसे परिवार से आते हैं, जहां पढ़ाई का झुकाव हमेशा कॉमर्स की ओर रहा। इसके बावजूद उन्होंने अपने अंदर की जिज्ञासा को पहचाना और इंजीनियरिंग का रास्ता चुना। उनका मानना रहा कि अगर लगन हो, तो पारिवारिक परंपराएं भी आपके सपनों को रोक नहीं सकतीं।
हम सभी जानते हैं कि ज्यादातर छात्र JEE की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा चले जाते हैं, वहीं आदित्य ने एक अलग फैसला लिया। उन्होंने दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहकर तैयारी की, और 300 में से 300 हासिल किया।
इतिहास रचने के लिए परिवार का साथ हमेशा बहुमूल्य रहता है। उन्होंने माना कि घर के सकारात्मक माहौल ने उन्हें उनकी तैयारी में पूरा फोकस बनाए रखने में मदद की।
आदित्य ने 11वीं कक्षा से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने रोजाना लगभग 12 घंटे पढ़ाई की। उनकी प्लानिंग बहुत सटीक थी, उन्होंने सुबह सेल्फ-स्टडी की, दिन में स्कूल और शाम को कोचिंग क्लास। उनके अनुशासन और मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
आज के समय में जहां सोशल मीडिया हर छात्र की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, वहीं आदित्य ने इससे दूरी बनाए रखी। उनका कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है, पूरा फोकस सिर्फ पढ़ाई और लक्ष्य पर था।आदित्य की कहानी हमें सिखाती है कि सही माहौल और परिवार का साथ बहुत जरूरी है इसके अलावा अनुशासन और लगातार मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
आदित्य अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों को भी दिया। उनका मानना है कि “टीचर्स का व्यक्तिगत मार्गदर्शन, किसी भी तकनीक से ज्यादा प्रभावी होता है।” उन्होंने AI या ऑनलाइन पढ़ाई के बजाय पारंपरिक शिक्षा को ज्यादा महत्व दिया।