कैसे बदली देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा की सूरत, NEET Paper Leak में अब तक क्या-क्या हुआ ?

NEET Paper Leak : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 इस बार परीक्षा से ज्यादा विवादों के चलते सुर्खियों में है। 3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब पेपर लीक होने के आरोप सामने आए। शुरुआती शिकायतों ने देखते ही देखते देशव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया और लाखों छात्रों के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। आरोपों की जांच के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। इसके बाद ये आंदोलन सड़कों पर आ पहुंचा और फिर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दे गया। पेपर लीक के तार कई राज्यों से जुड़े बताए गए, जबकि फिल्हाल पूरे मामले की जांच सीबीआई के हाथों में है। चलिये बात करते हैं इस पूरे मामले की हाइलाइट्स पर और जानते हैं कब क्या-क्या हुआ...

Authored by: कुसुम भट्टUpdated Jun 8 2026, 12:59 IST
कहां से शुरू हुआ विवाद ? 01 / 09

कहां से शुरू हुआ विवाद ?

आखिर पेपर लीक की कहानी शुरू कहां से हुई? किन घटनाओं ने इसे देश के सबसे बड़े शिक्षा विवादों में बदल दिया? सुप्रीम कोर्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अब मामला कहां पहुंचा? आइये पूरी टाइमलाइन समझते हैं...

कब हुआ था एग्जाम ? Image Credit : IStock02 / 09

कब हुआ था एग्जाम ?

देशभर के 22,05,035 छात्रों ने 3 मई 2026 को नीट यूजी परीक्षा दी थी। ये देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिये MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में दाखिला मिलता है। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई लेकिन कुछ ही दिन के बाद इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे।

जब उठीं गेस पीपर लीक की खबरें Image Credit : IStock03 / 09

जब उठीं गेस पीपर लीक की खबरें

दरअसल, राजस्थान के सीकर समेत कई स्थानों पर एक कथित गेस पेपर सामने आया। जांच में दावा किया गया कि इस डॉक्यूमेंट के बड़ी संख्या में सवाल असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। मामला सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और अन्य एजेंसियों ने जांच शुरू की।

बन गया नेशनल मुद्दाImage Credit : IStock04 / 09

बन गया नेशनल मुद्दा

​मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों की प्रारंभिक जानकारी सामने आने के बाद पेपर लीक के आरोप नेशनल लेवल का मुद्दा बन गए। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और दोबारा परीक्षा कराने की मांग तेज हो गई।

12 मई को रद्द हो गई परीक्षाImage Credit : IStock05 / 09

12 मई को रद्द हो गई परीक्षा

लगातार बढ़ते विवाद और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद NTA ने 12 मई को बड़ा फैसला लेते हुए 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ये कदम जरूरी है। 12 से 15 मई के बीच केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी। इसके बाद सीबीआई ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोप लगा कि प्रश्नपत्र से जुड़े दस्तावेज सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिये एग्जाम से पहले ही फैला दिये गए थे।

15 मई को री-एग्जाम की घोषणाImage Credit : IStock06 / 09

15 मई को री-एग्जाम की घोषणा

फिर 15 मई को NTA ने घोषणआ की कि रद्द की गई परीक्षा की जगह दोबारा एग्जाम आयोजित किया जाएगा। बाद में 21 जून को री एग्जाम की तारीख तय की गई। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों को फिर से तैयारी में जुटना पड़ा।

SC में दायर हुई याचिकाएंImage Credit : IStock07 / 09

SC में दायर हुई याचिकाएं

मई के दूसरे पखवाड़े में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं। कुछ याचिकाओं में परीक्षा में सुधार, एनटीए में बदलाव और री एग्जाम को अधिक सुरक्षित तरीके से करवाने की मांग की गई।

री एग्जाम पर टिकी नजरें08 / 09

री एग्जाम पर टिकी नजरें

एनटीए ने री एग्जाम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों का दावा किया। एडमिट कार्ड, सिटी इंटीमेशन स्लिप और परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया। इस बीच सीबीआई की जांच जारी रही और कथित मास्टरमाइंड समेत कई लोगों की भूमिका की जांच हुई। फिलहाल नजरें री एग्जाम और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

टाइट हुई सिक्योरिटी09 / 09

टाइट हुई सिक्योरिटी

अब री एग्जाम को लेकर केंद्र और NTA ने टाइट सिक्योरिटी लागू कर दी है। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए अब सवाल तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स, मॉडरेटरों और अनुवादकों को एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर अलग थलग रखा गया है।

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