एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार को बुधवार (17 दिसंबर) को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
प्रशांत कुमार 1990 बैच के रिटायर्ड इंडियन पुलिस सर्विस ऑफिसर हैं। उन्हें जनवरी 2024 में उत्तर प्रदेश का एक्टिंग डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस नियुक्त किया गया था और वह इस साल यानी 2025 में 31 मई को रिटायर हो गए थे।
यूपी सरकार के स्पेशल सेक्रेटरी गिरीजेश कुमार त्यागी द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2025 की धारा-4 के तहत की गई है, जिसमें हाल ही में संशोधन किया गया है। यह पद UPESSC के पहले चेयरमैन प्रो. कीर्ति पांडे के 22 सितंबर को निजी कारणों से इस्तीफा देने के बाद खाली हुआ था।
देश के सबसे बडे राज्य के डीजीपी रह चुके प्रशांत कुमार मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। प्रशांत कुमार का जन्म 16 मई 1965 को सीवान जिले में हुआ था। उनका पूरा करियर उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़ा रहा। पढ़ाई के मामले में वो हमेशा अव्वल रहे, प्रशांत कुमार ने ग्रेजुएशन के बाद संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा दी और उनका सेलेक्शन आईपीएस के लिए हो गया। इस तरह वे 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। प्रशांत कुमार को पहले तमिलनाडु कैडर मिला था लेकिन बाद में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से 1994 में यूपी कैडर में ट्रांसफर ले लिया। तब से वह उत्तर प्रदेश पुलिस में भी कार्यरत रहे और वह डीजीपी के पद तक पहुंचे।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि प्रशांत कुमार का UPESSC के चेयरपर्सन के तौर पर कार्यकाल नियुक्ति की तारीख से तीन साल या जब तक वे 65 साल की उम्र पूरी नहीं कर लेते, जो भी पहले हो, तब तक रहेगा।
प्रो. कीर्ति पांडे के इस्तीफे के बाद, यूपी सरकार ने UPESSC चेयरमैन के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगवाने के लिए एक सर्कुलर जारी किया। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 21 अक्टूबर थी। उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने नवंबर में फिर से इस पद के लिए आवेदन मंगवाए और 10 दिसंबर की डेडलाइन तय की।
पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार के पास तीन हाई लेवल डिग्रियां हैं। इन्होंने एमएससी इन अप्लाइड जूलॉजी का कोर्स किया है। इन्होंने एमबीए इन डिजास्टर मैनेजमेंट भी किया है। इसके अलावा प्रशांत कुमार ने एमफिल इन डिफेंस एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज भी किया है जो रक्षा और रणनीति पर रिसर्च लेवल की डिग्री है। ये भी जानें कि यूपी पुलिस के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ भी कहा जाता था। उनके नेतृत्व में 300 से ज्यादा एनकाउंटर हुए। यही कारण है कि वीरता के लिए उन्हें लगातार चार साल (2020 से 2023) राष्ट्रपति का पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री मिला।