यूपीएससी सीएसई पास करने के लिए किसी उम्मीदवार को सालों को लग सकते हैं, जबकि कोई उम्मीदवार पहले प्रयास में इतिहास रच देता है, लेकिन योद्धा वो है जो सपना देखता है और उसे पूरा करने के लिए कोशिशो को नहीं गिनता है, असल में वही अन्य छात्रों के लिए मिसाल बनता है। IAS Sachin Sharma की कहानी भी कुछ ऐसा ही बयां करती है। जानें Sachin Sharma का दिलचस्प सफर
हर उम्मीदवार को एक बराबर या एक समय पर सपना पूरा होने की खुशी नहीं मिल सकती है, लेकिन Sachin Sharma की सोच अलग है, उन्होंने सटीक प्लानिंग, डिसिप्लिन और समर्पित भाव से पहली बार में यूपीएससी में झंडा गाड़ दिया, उनका मानना रहा कि यदि पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलती तो वे तब तक नहीं रुकते जब तक वे अपने लक्ष्य को पा नहीं लेते।
हरियाणा के झज्जर के मूल निवासी सचिन शर्मा 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 2022 में, Sachin Sharma ने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली थी। उनकी अखिल भारतीय रैंक (AIR) 233 थी।
सचिन शर्मा ने गुरुग्राम स्थित डीएवी स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। बाद में, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बी.टेक किया। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, सचिन शर्मा ने कई वर्षों तक एक निजी फर्म में काम किया।
निजी फर्म में काम के दौरान, Sachin Sharma ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 16-18 घंटे पढ़ाई की। उनकी कड़ी मेहनत और लगन का फल रहा कि उन्हके पहली ही कोशिश में सफलता मिल गई। ये वाकई प्रेरक है।
सचिन के पिता सुनील दत्त हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। सचिन अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। वर्तमान में, वे हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं।
IAS Sachin Sharma प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। बता दें, IAS Sachin Sharma वर्तमान में ऊना जिला के ही अंब उपमंडल में बतौर एसडीएम सेवाएं दे रहे हैं। जबकि डॉ. आस्था अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बतौर सहायक प्रोफेसर सेवाएं दे रही हैं।