राजस्थान की राजधानी जयपुर में जन्मी नेहा ब्याडवाल ने 24 साल की आयु में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 569 प्राप्त कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है, बल्कि यह उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिनाइयों के बावजूद अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हैं।
नेहा का बचपन छत्तीसगढ़ के रायपुर में बीता, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। पिता की नौकरी की वजह से उन्हें भी कई बार स्कूल बदलना पड़ा। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद नेहा ने रायपुर के डीबी गर्ल्स कॉलेज में एडमिशन लिया और यूनिवर्सिटी टॉपर बनीं।
नेहा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान कई कठिनाइयों का सामना किया। पहले तीन प्रयासों में असफलता के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी रणनीति में बदलाव किया।
नेहा ने महसूस किया कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया उनकी पढ़ाई में बाधा बन रहे हैं। ऐसे में उन्होंने तीन सालों तक इनसे दूरी बना ली और पूरी तरह से पढ़ाई पर ध्यान फोकस किया।
नेहा ने तैयारी के दौरान कई बार SSC की परीक्षा भी पास की। हालांकि, उन्होंने नौकरी नहीं ज्वाइन की। दरअसल, नेहा का असल लक्ष्य IAS अधिकारी बनना था।
आखिरकार साल 2021 में नेहा ने अपने चौथे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की और 960 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक 569 हासिल की। उनकी सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।