200 साल के अपने शासन के दौरान अंग्रेजों ने अपने लाभ के लिए कई भव्य इमारतों, चर्च और इमारतों का निर्माण कराया है। इसमें गेटवे ऑफ इंडिया, विक्टोरिया मेमोरियल, इंडिया गेट आदि शामिल है।
भारत में अंग्रेजों का पहला किला दिल्ली- मुंबई में नहीं बल्कि चेन्नई में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है। इस किले का नाम 'फोर्ट सेंट जॉर्ज' था।
बता दें कि जब, अंग्रेज भारत आये थे, तो उन्हें कोरोमंडल तट पर एक स्थान की आवश्यकता थी, जहां से वह व्यापार कर सकें। ऐसे में उन्होंने 1639 में स्थानीय राजा वेंकटाद्री से मद्रासपट्टनम में जमीन को पट्टे पर लिया।
स्थानीय राजा से लिए गए जमीन के पट्टे पर अंग्रेजों ने किले का निर्माण 1640 में शुरू किया और 4 साल में यानी 1644 में किला बनकर तैयार हुआ।
फोर्ट सेंट जॉर्ज में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया एक चर्च भी है। बता दें इस चर्च का निर्माण किले के साथ नहीं किया गया था। बल्कि बाद में यानी 1680 में किया गया था।
बता दें कि किले के अंदर की संरचना काले, पीले या अन्य रंग की नहीं बल्कि पूरी की पूरी सफेद रंग की थी। जबकि बाहर की संरचना पूरी तरह से ब्लैक थी। अंदर व्हाइट टाउन था तो बाहर की संरचना को ब्लैक टाउन कहा जाता था।