आज हम आपको जिसकी कहानी बताने वाले हैं वह देश की नौवीं महिला फाइटर पायलट हैं। भारतीय वायुसेना में नौकरी का सपना देश के लाखों युवा देखते हैं लेकिन कुछ ही इसे पूरा कर पाते हैं।
मूलरूप से बागपत जनपद के गांव टढेंरा की रहने वाली आरती तोमर ने इंजीनियरिंग के बाद वायुसेना की राह चुनी। आरती के मन में देशसेवा का जुनून जागा और उन्होंने पायलट बनकर इतिहास रच दिया।
बचपन से ही आरती तोमर का सपना सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना था। उन्होंने अपने पिता से प्रेरणा ली और अपना सपना पूरा करने में जुट गई थी।
आरती तोमर के पिता प्रमोद कुमार सीआईएसएफ (CISF) में हवलदार रहे और सब इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बा वह मोदीनगर में अपना व्यवसाय कर रहे हैं। आरती तोमर की मां गृहणी हैं।
आरती तोमर इलैक्ट्रानिक्स एंड कंम्यूनिकेशन से बीटेक हैं। इंजीनियरिंग के बाद उनके मन में देश सेवा का ऐसा जुनून जागा कि उन्होंने वायुसेना में जाने का मन बना लिया।
आरती तोमर ने मई 2018 में एएफएफटीएटी परीक्षा पास की थी और इस परीक्षा के पहले प्रयास में ही उन्हें सफलता मिली। इसके बाद हैदराबाद स्थित एयरफोर्स एकेडमी में एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण दिया गया।
आरती तोमर की प्रारंभिक शिक्षा मोदी नगर के टीआरएम पब्लिक स्कूल से हुई। उन्होंने हरिद्वार के केंद्रीय विद्यालय से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। बाद में पौड़ी गढ़वाल से इलैक्ट्रानिक्स एंड कंम्यूनिकेशन विषय में प्रथम श्रेणी में बीटेक पूर्ण की।