दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब CM रेखा गुप्ता की Z प्लस सुरक्षा में उनके क्लोज प्रोटेक्शन में सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे।
आपको बता दें कि भारत में वीवीआईपी शख्सियतों की सुरक्षा के लिए कई सिक्योरिटी कवर हैं इनमें जेड प्लस सर्वोच्च श्रेणी सुरक्षा है। क्या आप जानते हैं कि जेड प्लस सिक्योरिटी क्या है, इसमें कितने जवान तैनात रहते हैं? जानिए, जेड प्लस सिक्योरिटी कितनी खास होती है और सुरक्षा का पहरा कितना सख्त होता है?
यह तय करना कि किसी व्यक्ति को किस स्तर की सुरक्षा दी जाए, पूरी तरह से गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) का अधिकार है। इसके लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है, जो अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों से मिले इनपुट का अध्ययन करती है।
Z+ सिक्योरिटी देश में दी जाने वाली सबसे बड़ी और सबसे सख्त सुरक्षा व्यवस्था है। इसमें कुल 55 कमांडो तैनात रहते हैं, जो चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करते हैं। ये जवान नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) यानी "ब्लैक कैट कमांडो" के सदस्य होते हैं।
इस सुरक्षा घेरे में सीआरपीएफ के जवाब होते हैं। ये कमांडो सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति के घर, कार्यालय और यात्रा के दौरान हमेशा उसके साथ रहते हैं।
वर्तमान समय में देश के लगभग 40 वीवीआईपी (VVIP) को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है। इनमें देश के गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
जेड प्लस सुरक्षा में लगा हर एक कमांडो मार्शल आर्ट का स्पेशलिस्ट होता है। इसके साथ ही इस जत्थे में आधुनिक हथियार भी होते हैं। भारत में आमतौर पर पांच तरह की वीवीआईपी सुरक्षा दी जाती हैं। ये हैं Z+, Z, Y+, Y और X श्रेणी की सुरक्षा।